पुलिस को लेकर अगर आपका नज़रिया हर वक़्त ग़लत ही रहता है, तो ये ख़बर आपके उस नज़रिये को बदलकर रख देगी. ये दुर्भाग्य ही है कि पुलिस की बदनामी के चर्चे तो अकसर सुनाई देते हैं, मगर उनके अच्छे कारनामों की तरफ़ लोगों का ध्यान कम ही जाता है.

राजस्थान के डूंगरपुर जिले में पुलिस का एक अनोखा प्रयास देखने को मिला है. कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रह जाए, इसलिए जिले के एक पुलिस थाने ने अपने पास के सरकारी स्कूल को गोद लिया है. सबसे खास बात है कि इस थाने के पुलिसकर्मी न सिर्फ़ स्कूल के बच्चों को पढाएंगे, बल्कि स्कूल में आधारभूत सुविधाएं जुटाने में भी आर्थिक मदद करेंगे.

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गौरतलब है कि यह अनूठा और सराहनीय काम डूंगरपुर जिले के कुनवा पुलिस स्टेशन के थाना अधिकारी मुकेश कुमार मेघवाल ने किया है. इस इलाके के सरकारी स्कूल में 92 बच्चे पढ़ते हैं और बच्चों की पढ़ाई का स्तर बहुत अच्छा नहीं है. क्योंकि यहां सिर्फ़ एक ही शिक्षक पदस्थापित है.

दरअसल, जिस गांव को पुलिस ने गोद लिया है, वो आदिवासी क्षेत्र में आता है. जिस कारण यहां पर कोई भी शिक्षक आना नहीं चाहता. यही वजह है कि इतने सारे बच्चों पर यहां पर एक ही टीचर है, जिसकी वजह से बच्चों की पढ़ाई सही से नहीं हो रही है.

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इस समस्या को देखते हुए ही थाने ने तय किया है कि हर रोज़ थाने के एक पुलिसकर्मी स्कूल जाएंगे और बच्चों को पढ़ाने में सहयोग करेंगे.

गौरतलब है कि थाने में कुल 27 पुलिसकर्मी हैं. इसके अलावा स्कूल के भवन और अन्य सुविधाओं के लिए भी पुलिसकर्मी सहयोग करेंगे. अगर देश के दुर्गम इलाकों के पुलिस वाले भी ऐसी ही सोच अपना लें, तो उन इलाकों के बच्चे भी पढ़ाई से वंचित नहीं रहेंगे.

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