पिछले महीने 29 तारीख को गुरुग्राम में देर रात 25 वर्षीय एक महिला के साथ ऑटोरिक्शा में ऑटो ड्राईवर समेत दो लोगों ने बलात्कार किया था और बर्बरता की हद तो ये थी कि उन तीनों आरोपियों ने महिला की नौ महिने की बच्ची को चलते ऑटो से बाहर फेंक दिया था, जिस कारण बच्ची की मौत हो गई.

एक औरत को अकेला पाकर तीन आदमियों ने पहले उसकी बच्ची को फेंका ऑटो से बाहर, फिर किया उसका बलात्कार

पुलिस की लापराही के चलते उस महिला की शिकायत को नज़रंदाज़ किया गया, जब उसका पति पुलिस के शिकायत दर्ज कराने गया. महिला से कहा गया कि वो गुरुग्राम में ही जाकर कंप्लेंट करवाए. पुलिस की इस ग़ैर जिम्मेदाराना रवैये के कारण महिला अपनी बच्ची के शव को साउथ दिल्ली से गुरुग्राम तक मेट्रो में लेकर गई. 3 जून को दोबारा शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस हरकत में आई और मामले की छानबीन करनी शुरू की.

इससे बुरा क्या होगा एक औरत के साथ? पहले हुआ गैंगरेप, फिर अपनी बच्ची के शव को मेट्रो में ढोया

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पुलिस ने इन तीनों संदिग्धों की फ़ोटो जारी की थी. इन तीनों आरोपियों के नाम क्रमशः योगेन्द्र, अमित और जयप्रकाश हैं. बीते बुधवार कई जगह छापेमारी के बाद पुलिस ने 2 आरोपियों योगेन्द्र और अमित को पकड़ लिया. अभी ताज़ा खबर है कि रेप और मर्डर का तीसरे आरोपी को भी पुलिस ने बुलंदशहर से गिरफ़्तार कर लिया है.

पुलिस ने बताया, योगेन्द्र को मानेसर के उसी गांव से पकड़ा गया, जहां वो महिला रहती है, वहीं अमित को दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर से हिरासत में लिया गया. ये तीनों आरोपी बुलंदशहर के ही रहने वाले हैं और मानेसर में सरपंच ऑफ़िस के ठीक पीछे किराए पर रहते हैं. ये लोग ऑटो रिक्शा चलाते हैं और सामान को इधर उधर पहुंचाने का काम भी करते हैं. ताकि ज़्यादा पैसा कमा सकें. हालंकि ये तींनो ही महिला को जानते नहीं थे पहले से. सूत्रों के अनुसार, जब जयप्रकाश को बुलंदशहर से पकड़ा गया, तब पुलिस की एक टीम उत्तर प्रदेश में सर्च ऑपरेशन कर रही थी.

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गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर संदीप खिरवार ने कहा, 'पीड़िता अपनी मृत बच्ची को लेकर इधर से उधर भटकती रही, इतना ही नहीं इस घटना के दूसरे दिन उसने बच्ची के शव को लेकर मेट्रो में सफर भी किया. महिला के पति ने पुलिस को घटना की जानकारी दी. उसके बाद ये महिला एमजी रोड मेट्रो स्टेशन पर मिली, तब वह दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल से लौट रही थी. इसके बाद बच्ची की बॉडी का पोस्टमॉर्टम कराया.'

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पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले बच्ची का गला दबाया और उसके बाद उसे ऑटो से फेंक दिया. इसके बाद आरोपी 4 घंटे तक महिला को ऑटो में घुमाते रहे, उससे रेप किया और बाद में उसे छोड़ दिया. आरोपियों के छोड़ने के बाद पीड़िता उस जगह पहुंची, जहां बच्ची को फेंका गया था. वहां से बच्ची को लेकर वह एक हॉस्पिटल गई, जहां डॉक्टरों ने बेटी को मृत घोषित कर दिया, लेकिन वो बच्ची के शव को लेकर दिल्ली के दूसरे हॉस्पिटल्स में भी गई. इन सब के बीच पुलिस का रवैया निराशा पूर्ण था. तभी तो पीड़िता को बच्ची की डेड बॉडी को मेट्रो में लेकर ट्रेवल करना पड़ा.

पुलिस ने ये भी बताया कि वारदात को अंजाम देने के दो तीन दिन बाद जब योगेन्द्र और अमित वापस आये तब इनको पता चला कि पुलिस इनकी तलाश कर रही है, तो इन्होंने बीते बुधवार सरपंच ऑफ़िस में जाकर गांव के मुखिया के सामने अपना जुर्म कबूल किया.

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