सरकार का एक फैसला आया, जनता को बताया गया कि ये देश-हित के लिए है. "थोड़ी परेशानी होगी, पर बाद में सब सही हो जाएगा, काला धन ख़त्म हो जाएगा, भ्रष्टाचार मिट जायेगा. अगर आप सच्चे देश-भक्त हैं, तो सरकार का साथ दें."

वो दिन था और आज का दिन है, बैंक और एटीएम के बाहर देश लाइन में खड़ा है, लोग जैसे अपने धैर्य की परीक्षा दे रहे हैं, खैर उसके सिवा अब उनके पास कोई चारा भी तो नहीं है. लाइन में नहीं खड़े होंगे, तो मेहनत की कमाई कागज़ का टुकड़ा बन कर रह जाएगी.

खुद प्रधानमंत्री ने लोगों के समर्थन को सराहा. लोग भी चुप हैं, क्योंकि पता है, अगर शिकायत की, तो देश-द्रोही कहलाएंगे.

ऐसे में ये वीडियो सामने आया है, जहां लाइन में खड़े देश की देश-भक्ति को लाठियों से नवाज़ा जा रहा है. इनका गुनाह बस ये है कि ये अपनी मेहनत की कमाई निकालने आये हैं. वीडियो में बैंक का बोर्ड दिख रहा है, घटना फतेहपुर जिले की किशन पुर ब्रांच की है. ये वीडियो अविनाश तिवारी ने Facebook पर शेयर किया है.

जिस जनता ने अपनी परेशानियों को नज़रंदाज़ करते हुए, प्रधानमंत्री के वादों में असीम विश्वास दिखाया, क्या उसके साथ ये सुलूक सही है? इस लाइन में तुम्हारे घर के लोग भी लगेंगे, तुम भी लगोगे. खुद ही देख कर फैसला कर लो कि क्या देश-भक्त कहलाने के लिए अब बिना किसी गुनाह के लाठियां भी खा लोगे?

ये लोग जो पुलिस की लाठियां खा रहे हैं, कोई आतंकवादी नहीं हैं, न कोई चोर-डकैत, ऐसा भी नहीं लगता कि करोड़ों का काला धन रखने वाले भ्रष्टाचारी हैं. ये देश-भक्ति का दौर है, दो तरह की देशभक्ति हो रही है. देश-भक्त जवान बॉर्डर पर गोली खा रहे हैं, और सरकार के भक्त बूढ़े-गरीब लाठी खा रहे हैं.

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