आजकल परीक्षा मज़ाक बन कर रह गई है. बच्चों को कोई टेंशन नहीं होती, क्योंकि उनको पता होता है कि वो जहां ट्यूशन पढ़ने जाते हैं, वो उनका कुछ न कुछ जुगाड़ निकाल ही लेंगे. बच्चों के अभिभावकों को इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि मार्क्स कहां से आये! उन्हें परवाह इस बात की होती है कि बच्चे के मार्क्स पड़ोस वाले के बच्चों से ज़्यादा होने चाहिए. इन्हीं घटिया लोगों के कारण दिन पर दिन पढ़ाई का स्तर गिरता जा रहा है. झारखण्ड पुलिस ने एक ऐसे आदमी को गिरफ़्तार किया है, जो इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों के घर से Answer-Sheet लेकर जमा करने जा रहा था. पुलिस ने इसके तुरंत बाद उस परीक्षा सेंटर पर तैनात मुख्य निरीक्षक के खिलाफ़ भी मुक़दमा दर्ज करवाया है.

बोकारो के एसपी का कहना है कि इस मामले की जांच DSP लेवल के ऑफिसर कर रहे हैं. इंटर की परीक्षा 18 फरवरी से ही शुरू है. पूरे राज्य में 1385 केन्द्रों पर नौ लाख अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं. इस मामले में अब तक गिरफ़्तार प्रद्युमन पाण्डेय से पूछताछ चल रही है. पुलिस को आशंका है कि इसके पीछे कोई बड़ा रैकेट है. शिक्षा विभाग ने बताया कि हमने आरोपी विद्यार्थियों की कॉपी ज़ब्त कर ली है. इन दोनों का नाम अमन कुमार और सुष्मिता कुमारी है. इन्हें परीक्षा के पहले ही प्रश्न-पत्र मिल गया था और ये आराम से घर पर बैठ कर उसका उत्तर लिख रहे थे. उनको परीक्षा में अनुपस्थित चिन्हित कर दिया गया है.

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बताया जा रहा है कि जब प्रद्युमन उत्तर-पुस्तिकायें जमा करने जा रहा था, तब कुछ युवाओं को उस पर शक हुआ. उन्होंने उसकी टी-शर्ट में Answer-Sheet देखी, तो उसे ज़ब्त करके अपने पास रख लिया और पुलिस को सूचित कर दिया. विभाग ने भी तुरंत कार्रवाई करते हुए मजिस्ट्रेट को सस्पेंड कर दिया और सेंटर सुपरिटेंडेंट और प्रद्युमन के खिलाफ़ FIR दर्ज करवा दी. आपको बता दें कि इस परीक्षा में नक़ल का अभी तक बोल-बाला रहा है और अभी तक 300 छात्र नकल करते हुए पकड़े गये हैं. इतना ही नहीं 20 फरवरी को इंग्लिश के एग्ज़ाम के दिन परीक्षा शुरू होने से आधे घंटे पहले ही Question Paper Whatsapp पर वायरल हो गया था.

देश की शिक्षा का ये हाल है और आप तरक्की की बात करते हैं. यहां लोग ज्ञान के लिए नहीं पढ़ते, बल्कि नंबर लाने के लिए पढ़ते हैं.

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