आज के ज़माने में ज़्यादातर लोग भूत-पिशाचों में यकीन नहीं रखते हैं, पर इस अजीबोगरीब घटना के बारे में सुन कर कोई भी सोचने पर मजबूर हो सकता है. सुधाकर का कहना है कि उसकी पत्नी रीमा देवडिया पर किसी आत्मा का कब्ज़ा है. एक रात जब वो सो रहा था, तो उसकी पत्नी ने बैट और मूसल से वार कर के उसे घायल कर दिया.

कई बार पति और बच्चों पर हमला कर चुकी इस औरत को वसई की पुलिस ने अब तक गिरफ्तार नहीं किया है. इस औरत ने बिना किसी बात के अपने पति की टांग की हड्डी भी तोड़ दी है.

घटना 6 मार्च की है. रात को ढाई बजे सुधाकर अपने दो बेटों के साथ घर पर थे, तभी रीमा अचानक हिंसक हो उठी और पति पर हमला कर दिया. पति ने पुलिस को बताया कि रीमा की दिमाग़ी हालत ठीक नहीं है और वो अकसर बिना बात के हिंसक हो जाती है.

सुधाकर बताते हैं कि ऐसे वक़्त में उसे देख कर लगता है, जैसे वो किसी ताक़त के वश में है. जब उनके चार साल के बेटे ने रो कर अपनी मां से कहा कि वो उसके पिता को छोड़ दे, तो रीमा का जवाब चौंकाने वाला था.

रीमा ने अपने बेटे से कहा कि वो उसके पैर पर वार कर रही है, सर पर नहीं. इससे वो मरेगा नहीं.

सुधाकर के अनुसार, रीमा अकसर अपने बच्चों को भी बिना बात के बेरहमी से पीटती है. सुधाकर और रीमा की शादी 2008 में हुई थी. सुधाकर Cargo इंडस्ट्री में काम करता है और रीमा एक BPO कर्मचारी है. सुधाकर की नौकरी छूटने के बाद उनमें अकसर झगड़े होने लगे थे. इसके बाद सुधाकर को एक कम सैलरी वाली नौकरी करनी पड़ी, रीमा उससे ज़्यादा कमा रही है.

एक बार रीमा ने अपने सात साल के बेटे को गर्म चम्मच से भी जला दिया था. उसे ऐसा करने के लिए बेटे के स्कूल से भी Warning मिल चुकी है. एक बार उसके छोटे बेटे से बाथरूम गन्दा हो गया था, तो उसने उसे बाथरूम के फ़र्श पर पटक दिया. इसके बाद उसे कई टांके आए. इस घटना के बाद सुधाकर ने FIR दायर करायी थी, पर रीमा को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया.

इस घटना के दो हफ़्तों बाद ही उसने अपने पति का पैर पर हमला किया. आज सुधाकर चलने-फिरने में भी असमर्थ है और अपने माता-पिता के साथ रह रहा है. उसकी पत्नी बच्चों को लेकर अपनी मां के घर चली गयी है.

सुधाकर को डर है कि वो उसे और उसके बच्चों को जान से भी मार सकती है, लेकिन पुलिस उसके खिलाफ़ कोई एक्शन नहीं ले रही. माणिकपुर पुलिस ने सेक्शन 325 के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया है, पर अब तक गिरफ़्तारी नहीं की गयी है.

Source: Mid-day