विश्व का सबसे बड़े लोकतंत्र भारत. भारत के कई ख़ूबसूरत पहलू हैं.

एक ख़बूसूरत पहलू है, यहां की राजनीति, जहां सारे आपसी मतभेदों को भुलाकर नेतागण एक-दूसरे को गले भी लगा लेते हैं.

भारत के नेता समय-समय पर आम जनता को अपने असीम ज्ञान और सबसे अलग दृष्टिकोण का परिचय भी देते रहते हैं.

बयानों के रूप में ये हम तक पहुंचता रहता है. समाज के विकास के लिए निरंतर तत्पर हमारे नेता वक़्त-बेवक़्त समाज की अलग-अलग समस्याओं पर बयान देते रहते हैं.

नेतागण के कुछ अतिप्रगतिशील बयानों की सूची बनाकर परोस रहे हैं-

1. नेताजी का ये भी कहना था एक बच्चा पैदा करने वाले हिन्दू भविष्य की नहीं सोच रहे.

2. National Science Day के अवसर पर नेता जी को चीफ़ गेस्ट के तौर पर बुलाया गया था और वहीं उन्होंने ये असीम ज्ञान दिया.

3. राजस्थान के मंत्री जी का कहना था कि गाय एक ऐसा पशु है, जो ऑक्सिजन लेती है और छोड़ती है.

4. असम के तिनसुकिया की एक छात्रा ने मोदी जी से वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग द्वारा Climate Change का सवाल पूछा था. जवाब में मोदी जी ने कहा था कि गर्मी ज़्यादा नहीं हुई है, हम बदल गए हैं.

5. IGIMS(इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस) के मैरिटल स्टेट्स डेकलरेशन फ़ॉर्म में Bachelor/Widower/Virgin सेक्शन ऑपशन थे. हड़कंप मचने के बाद इसे बदला गया.

6. नेता जी के अनुसार, मेकैनिकल इंजीनियर्स को सिविल सर्विस से जुड़ना ही नहीं चाहिए. उनका कहना था कि सिविल इंजीनियर्स को समाज के पुनर्निर्माण का उचित ज्ञान होता है.

7. भारत में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुधार पर भाषण देते-देते मोदी जी ने ये उदाहरण दिया था.

8. बेरोज़गारी की समस्या का जड़ से समाधान दे दिया नेता जी ने. अब मुझे कोई डर नहीं, देश अमेरिका से भी आगे जाएगा.

9. इससे पहले सुब्रमण्यम जी ने Homosexuality को एक Genetic Defect (अनुवांशिक दोष)कहा था.

10. दीदी की मानें, तो आज कल सब एक बाज़ार की तरह Open हो गया है.

नेतागणों के असीम ज्ञान की बदौलत जल्द ही देश विकसित हो जाएगा और भारत एक बार फिर सोने की चिड़िया कहलाएगा!