15 फरवरी 2017 को भारत की प्रगति के इतिहास को में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा. आज इसरो ने एक रॉकेट से एक साथ 104 उपग्रहों का सफ़ल प्रक्षेपण कर, भारत के नाम एक विश्व कीर्तिमान स्थापित कर दिया.

भारत ने इससे पहले एक साथ 20 Satellites को एक ही रॉकेट से लॉन्च किया था. भारत के इस कीर्तिमान से पहले ये रिकॉर्ड रूस के पास था, जब साल 2014 में उसने 39 उपग्रहों को एक साथ भेजा था. नासा किसी मिशन के लिए आजतक सिर्फ़ 29 मिसाइल्स ही भेज पाया है.

जहां इस वक़्त समूचा देश इस उपलब्धि की ख़ुशी मना रहा है, वहां ये जानना भी ज़रूरी है कि एक साथ इन 104 Satellites में क्या भेजा गया?

  • PSLV, जो चंद्रयान मिशन में इस्तेमाल किया गया सबसे पावरफ़ुल रॉकेट था, उसका XL Variant भेजा गया है. PSLV ने अपनी 39वीं Flight में Carosat-2 सीरीज़ Satellite लॉन्च की, जिसका काम पृथ्वी की निगरानी करना होगा. बाकी 103 Satellites Co-पैसेंजर Satellite हैं.
  • एक बार चालू होने के बाद Carosat-2 का काम तटीय इलाकों की निगरानी और रेगुलेशन तस्वीरें भेजना, सड़कों की मॉनिटरिंग करना, पानी का डिस्ट्रीब्यूशन और बाक़ी चीज़ें होगा. Carosat - 2 Series का कार्यकाल 5 साल का होता है.
  • इसरो के मुताबिक़, बाकी Co-Passenger सैटेलाइट्स में 102 नैनो सैटेलाइट हैं - जिसमें एक-एक इज़राइल, कज़ाख़स्तान, नीदरलैंड, स्विट्ज़रलैंड और यूएई की हैं, जबकि 96 US और दो भारत की.

इस मौके पर PM मोदी समेत कई जानी-मानी हस्तियों ने ट्विटर पर इसरो को बधाई दी:

Source: Indian Express