अगर आप एक चाय प्रेमी हैं, तो अब तक घाट-घाट की चाय का आनंद ले ही चुके होंगे. वैसे एक बात पूछनी थी, कभी बैंगनी चाय की चुस्कियां ली हैं? अगर नहीं, तो ये जानने के बाद ज़रूर लेंगे. बैंगनी चाय न सिर्फ़ स्वाद, बल्कि हेल्थ के लिए भी काफ़ी फ़ायदेमंद होती है. चाय में एंटी-ऑक्सीडेंट मौजूद होने के कारण, ये कैंसर जैसी घातक बीमारी से लड़ने में सहायक है.

कहां होता है इसका उत्पादन?

ऐसा माना जाता था कि बैंगनी चाय का उत्पादन केन्या में होता है और इसे केन्या से भारत मंगाया जाता है. पर 2015 में Tocklai Tea Research Institute द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में इसे ग़लत बताते हुए कहा गया है कि बैंगनी चाय भारत की देन है और इसका उत्पादन केन्या में नहीं, बल्कि भारत के आसाम में शुरू हुआ था. रिपोर्ट के अनुसार, पर्पल चाय का उत्पादन अरुणाचल प्रदेश के डोनियो पोलो टी एस्टेट में भी होता है.

इस पर्पल चाय की कीमत सोने-चांदी के आभूषणों से कम नहीं है. बीते बुधवार को नीलामी के दौरान गुवाहाटी स्थित Dugar Consumer Products Pvt को 1.25 किलोग्राम पर्पल चाय 24,501 रुपये की भारी कीमत पर बेची गई. वहीं डोनियो पोलो एस्टेट के लिये काम करने वाले मनोज कुमार का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि चाय की बिक्री 15 हज़ार रुपये से ऊपर होगी, लेकिन इसकी कीमत 24 हज़ार के पार हो जायेगी, ऐसा सोचा न था.

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ऐसा पहली बार नहीं है, जब कोई चाय इतने मंहगे दामों पर बिकी है. इससे पहले गुवाहाटी के चाय नीलामी केंद्र पर गोल्डन नीडल्स किस्म की ख़ास चाय को 40 हजार रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से बेचा गया था, जो एक विश्व रिकार्ड है. मीडिया से बातचीत से दौरान पर्पल चाय की खोज पर मनोज कुमार ने ख़ुशी जताते हुए ये भी कहा कि आखिरकार हम पूर्वी सियांग जिले में इस दुर्लभ चाय को खोजने में कामयाब रहे.

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East और West, चाय के उत्पादन में आसाम है Best. वैसे पर्पल चाय की एक चुस्की लेने के लिए जेब काफ़ी ढीली करनी पड़ सकती है.

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