राजस्थान के अलवर का एक सरकारी स्कूल इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. दरअसल, अलवर स्थित गवर्नमेंट सीनियर सेकंडरी स्‍कूल को ट्रेन के रंग में रंग दिया गया है.

विद्यालय का क्लास रूम ट्रेन की पैसेंजर बोगी, प्रिंसपल का केबिन इंजन और बरामदे का नज़ारा किसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफ़ॉर्म की तरह नज़र आ रहा है. स्कूल का ये अनोखा रूप देख, कोई भी ये नहीं कह सकता कि ये दृश्य किसी सरकारी स्कूल का है.

वहीं जब इस बारे में स्कूल के शिक्षकों से बात की गई, तो प्रिंसिपल पुरुषोत्तम गुप्ता ने बताया कि 'छात्रों को ट्रेन हमेशा ही आकर्षित करती है और उन्हें ट्रेन में घूमना पसंद होता है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल्स की बिल्डिंग्स के डिज़ाइन्स ऐसे होने चाहिए, जो बच्चों को गर्व महसूस करा सकें.'

स्कलू को रेलवे स्टेशन की तरह रंगने का आईडिया ज़िला सर्व शिक्षा अभियान के जूनियर इंजीनियर राजेश लवानिया का था. सर्व शिक्षा अभियान एक सरकारी अभियान है, जो 6 से 14 वर्ष तक की उम्र के बच्चों को मुफ़्त शिक्षा प्रदान करता है. बताया जा रहा है कि स्कूल का नाम पहले से ही रेलवे स्टेशन की तरह था, इसीलिए बाद में इसे उसके जैसा कलर करने का विचार आया.

रेलवे की थीम पर अब तक पांच कक्षाओं को कलर कर दिया गया है. वहीं लवानिया ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि अप्रैल महीने के अंत तक हम बाकि बचे 4 क्लास रूम्स को जयपुर-दिल्ली डबल डेकर ट्रेन और अजमेर-दिल्ली शताब्दी की तरह रंगा देंगे.

स्कूल को इस तरह से सबसे अलग दिखाने का आईडिया काफ़ी नया और क्रिएटिव है, लेकिन हां स्कूल की ख़ूबसूरती देख थोड़ी जलन ज़रूर हुई, क्योंकि हमारे टाइम में ऐसा कुछ नहीं हुआ. साथ ही इस शानदार पहल के लिए स्कूल के सभी शिक्षकों और छात्रों को बधाई!

Source : Source : Hindustantimes