बीते शनिवार को जम्मू-कश्मीर में आंतकी मुठभेड़ में शहीद हुए सेना के पैराट्रूपर मुकुट बिहारी मीणा का पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान सभी को भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया. दरअसल, शहीद की पांच महीने की बेटी अपने पिता के ताबूत पर बैठ गई. छोटी सी बच्ची की इस मासूमियत ने सभी की आंखें नम कर दी.

इस पल को देखते हुए राजस्थान के झालावाड़ ज़िला कलेक्टर जितेन्द्र सोनी ने शहीद मीणा की पांच महीने की बेटी को एक ख़त लिखते हुए कहा कि तुम्हें बड़े होने पर अपने पिता की शहादत को अपना नूर और गुरूर बनाना है. साथ ही कहा कि तुम भले ही अपने पिता की ऊंगली पकड़ कर बड़ी नहीं होगी, पर उनकी शहादत की कहानियां हर दिन सुनने को मिलेंगी. जब भी उनकी याद आए, तो याद रखना कि कुछ अभाव चुभते हैं मगर तुम्हारे पिता की तरह देश के लिए कुर्बान होने का गौरव हर किसी को नसीब नहीं होता.'

ज़िला कलेक्टर का ख़त का भावनात्मक था. इस लेटर में एक पिता और बेटी के रिश्ते की मासूमियत बयां हो रही थी. इसके साथ ही उन्होंने इस बात का भी ज़िक्र किया कि एक मासूम बच्ची का इस तरह से पिता के ताबूत पर बैठ जाने वाला पल भावपूर्ण और लोगों का ध्यान खींचने वाला था.

Source : Indianexpress