दिल्ली और उसके आस-पास के क्षेत्रों की हवा की गुणवत्ता में निरंतर गिरावट आती जा रही है , जिस कारण चिकित्सा विशेषज्ञों ने एक चेतावनी जारी करते हुए लोगों को घर से बाहर एक्सरसाइज़ न करने की सलाह दी है. आंकड़ों के मुताबिक, बीते 10 दिनों के भीतर प्रदूषण का स्तर बहुत ख़राब हो गया है. सुबह 9 बजे से 10 बजे के बीच सबसे बुरा हाल होता है.

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पीएम 2.5 का स्तर सबसे ज़्यादा ITO, आनंद विहार, DTU और आर.के पुरम जैसे भीड़-भाड़ वाले इलाकों में रहता है. प्रदूषण का स्तर सबसे कम शाम के 5 बजे से 6 बजे तक दर्ज किया गया. वर्तमान में दिल्ली की हवा इतनी दूषित हो चुकी है कि इस कारण गर्भ में पल रहे बच्चे को भी नुकसान पहुंच सकता है. बीते बुधवार को AQI का स्तर 367 रहा जो कि गुरुवार को बढ़कर 380 तक पहुंच गया. विशेषज्ञों की मानें, तो दिल्ली की हवा इतनी अधिक ज़हरीली हो चुकी है कि इसका सबसे ज़्यादा बुरा असर हमारे फ़ेफड़ों पर पड़ता है.

हालांकि, हिमालयी नमक लैंप का इस्तेमाल कर, शहर की दूषित हवा से बचा जा सकता है.

क्या होता हिमालयी नमक लैंप?

हिमालयन साल्ट लैंप, हिमालय नमक क्रिस्टल के टुकड़ों से बना हुआ होता है. बिजली से चलने वाले ये लैंप आपके घर की ख़ूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं. लैंप से आती हुई हल्की रौशनी देखने में सुंदर लगती है और सुकून देती है. साल्ट लैंप जलाना मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए काफ़ी अच्छा होता है. साल्ट लैंप लगाने से घर के वास्तु में भी पॉज़िटिव असर पड़ता है. आइये जानते हैं कि यह लैंप कैसे कार्य करता है और इसके क्या फायदे हैं.

1. विद्युतचुंबकीय विकिरण को बैलेंस करते हैं

हमारे घरों में पाए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे टीवी, कंप्यूटर, ओवन इत्यादि वातावरण में पॉज़िटिव आयन फैलाते रहते हैं, जिससे बेचैनी, उलझन, स्ट्रेस और अनिद्रा आदि समस्याएं होती हैं. हिमालयी नमक लैंप से निकलने वाले नेगेटिव आयन इन पॉज़िटिव आयन को निष्क्रिय करते हैं.

2. श्वास संबंधी रोगों को दूर करता है

रिसर्च के मुताबिक, सकारात्मक आयन Cilia की गतिविधी को कम करते हैं, जिसके विपरीत नेगेटिव आयन की गतिविधि में बढ़ोत्तर होती है, नतीजन जिसका परिणाम सकारात्मक होता है. इसी कारण हिमालयी नमक लैंप के इस्तेमाल से हमारी हमें सांस लेने में कोई दिक्कत नहीं होती और ये हमारे फ़ेफड़ों को भी क्लीन बनाए रखता है.

3. हवा को शुद्ध और साफ़ रखता है

इसमें धूल, सिगरेट का धुंआ और हवा से अन्य दूषित पदार्थों को दूर करने की अद्भुत क्षमता होती है. दरअसल, हिमालयी नमक लैंप Hygroscopy के माध्यम से हवा को शुद्ध करता है, जिसका मतलब है कि वे आसपास के वातावरण से पानी के अणुओं को आकर्षित करता है, इसके साथ ही किसी भी हानिकारक कण को आकर्षित करता है. नमकीन हवा स्वास्थ्य बूस्टर के रूप में कार्य करती है.

4. एलर्जी और अस्थमा के लक्ष्ण को कम करता है

हिमालयी नमक लैंप धूल के सूक्ष्म कणों को दूर करता है, जिससे इंसान किसी भी तरह की एलर्जी से दूर रहता है. हिमालयी नमक वायुमार्ग के लिए काफ़ी अच्छा है, इसके साथ ही ये आस्थमा पीड़ितों के लिए भी काफ़ी फ़ायदेमंद है.

5. खांसी में आरामदायक

हिमालय नमक लैंप द्वारा जारी किए गए ऋणात्मक आयन कई हवाई रोगाणुओं से बचाते हैं. अधिकांश घरों में सकारात्मक चार्ज वाले आयन भरे हुए होते हैं, जो कि हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं. साल्ट लैंप बड़ी कुशलता से हवा को फ़िल्टर करने में मदद करता है, ताकि नुकसानदायक कण आपके फ़ेफड़ों में न पहुंचे.

6. रक्त प्रवाह को बूस्ट करता है

अध्यन से पता चला है कि हिमालय नमक लैंप से उत्सर्जित होने वाले नकारात्मक आयनों से रक्त प्रवाह तेज़ होता है. इतना ही नहीं, ये हमारे Vascular System के विकारों को ठीक करने में मदद करता है, जिससे फ़ेफड़ों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है.

7. ऊर्जा स्तर में बढ़ावा

सकारात्मक आयन शरीर की ऊर्जा को नष्ट कर देते हैं और हिमालयी नमक लैंप नकारात्मक आयन में वृद्धि करते हैं. अगर आपको भी ऐसा लग रहा है कि आपके शरीर की ऊर्जा ख़त्म हो गई है और खुद को थका हुआ महसूस कर रहे हैं, तो कमरे में नमक लैंप की रोशनी रखने का प्रयास करें अंतर आपको खुद पता चला जाएगा.

8. एकाग्रता में सुधार

शरीर पर नकारात्मक आयनों के प्रभाव, मस्तिष्क और अन्य अंगों में रक्त और ऑक्सीजन की आपूर्ति में सुधार के साथ ही साथ सेरोटोनिन (रक्त प्लेटलेट्स और सीरम में एक यौगिक मौजूद है, जो रक्त वाहिकाओं को नियंत्रित करता है और एक न्यूरोट्रांसमीटर के रूप में कार्य करता है, जिस कारण आप ख़ुश रहते हैं और इससे किसी भी काम के प्रति आपकी एकग्रता बढ़ती है.

9. मनोदशा बढ़ाना

अध्ययनों से पता चलता है कि नकारात्मक आयन मस्तिष्क में सेरोटोनिन को बढ़ाकर मूड और ऊर्जा स्तर में सुधार करते हैं.

10. तनाव कम करते हैं

हिमालयी नमक लैंप के रंग चिकित्सा में काफ़ी सहायक होते हैं. साल्ट लैंप से नारंगी, पीले और लाल रंग के रंगों में नरम प्रकाश का उत्पाद करते हैं, जो शरीर के तनाव को कम करके, शरीर की आध्यात्मिक और भावनात्मक ऊर्जा का संतुलन बनाए रखते हैं.

11. अच्छी नींद

रिसर्च के मुताबिक, साल्ट लैंप जलाने से मूड अच्छा रहता है, एकाग्रता बढ़ती है, तनाव दूर होता है और अच्छी नींद आती है. इस लैंप से हवा में उत्पन्न नेगटिव आयन की वजह से लोग खुद को ज़्यादा ऊर्जावान महसूस करते हैं.

Source : jpost