सोचिए, आप बाहर खाने गए हैं. बहुत देर तक चिन्तन-मनन करके आपने कुछ ऑर्डर किया. ऑर्डर करने के बाद, आपने 30 मिनट से ज़्यादा इंतज़ार किया. फिर अचानक किसी फ़रिश्ते की तरह आपके सामने वेटर आता है और आपका ऑर्डर आपके टेबल पर रख देता है. जैसे ही आप अपने खाने की तरफ़ नज़र डालते हैं, आपको पता चलता है कि वो डिश कुछ और ही है. ऐसे में आप कैसा महसूस करेंगे?

ऑनलाइन फ़ूड मंगवाने पर कुछ का कुछ हो जाए, तो समझ आता है, पर होटल में बैठकर ऐसा हो तो दिमाग़ गर्म होना लाज़मी है.

Tokyo के एक रेस्त्रां का पूरा कॉन्सेप्ट ही उल्टा है. The Restaurant of Order Mistakes, रेस्त्रां सिर्फ़ Dementia से पीड़ित लोगों को ही नौकरी पर रखता है.

2-4 जून के बीच इस रेस्त्रां का ट्रायल पीरियड था. Dementia से पीड़ित स्टाफ़ मेंमर्बस ग़लत ऑर्डर लेते हैं. ऐसे रेस्त्रां को शुरू करने के पीछे की मंशा ये है कि लोग, दिमाग़ी बिमारियों से पीड़ित व्यक्तियों के दर्द को महसूस करें. Dementia से पीड़ित व्यक्तियों द्वारा परोसे जाने के बाद शायद लोगों को ये अंदाज़ा हो कि ऐसे व्यक्तियों की ज़िन्दगी कितनी मुश्किल होती है.

ऐसी पहल दिमाग़ी बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों के लिए उम्मीद की किरण साबित हो सकती है. ज़रा सोचिए, आपने ऑर्डर किया हो, ग्रीन सैलेड और आपको पिज़्ज़ा मिल जाए?

Source: Bored Panda