कभी किसी स्वयंवर में में गए हैं?

सॉरी ग़लत सवाल पूछ लिया. टीवी पर या फ़िल्मों में राजा-महाराजाओं का स्वयंवर ज़रूर देखा होगा.

ऐसा नहीं But बात समझ गए होंगे.

इन स्वयंवरों में भावी लड़की को अपनी पसंद का दूल्हा चुनने की आज़ादी होती थी. उसके पास कई वीर, गुणी, महान यौद्धा लाइन में खड़े रहते थे और लड़की जिसे पसंद करती, उसके गले में माला डाल देती.

ऐसा ही होता था न?

ऐसा ही अभी भी हो रहा है... बस स्वयंवर अमीरों का है.

बताते हैं मामला क्या है... पहले ये देखिये:

आज के ****** के Front Page पर ये Ad आया. Ad था Young Achievers Matrimony की तरफ़ से. ये कंपनी अमीर घर के बच्चों और उनके पेरेंट्स को महंगे होटल्स में बुलाकर कर मीटिंग करवाते हैं.

मीटिंग के लिए इनका क्राइटेरिया भी बड़ा सख़्त है. लड़के IAS, PCS, साइंटिस्ट टाइप होने चाहिए... बड़े घर के लोग, बड़ी बातें!

यहां तक भी सब समझ में आ रहा था, लेकिन लड़कियों के लिए इनके क्राइटेरिया ने दिल तोड़ दिया. इनके हिसाब से लड़की बस सुन्दर होनी चाहिए, तो वो इस शादी मीट एंड ग्रीट में आ सकती है. मतलब अगर कोई लड़की सिर्फ़ दिखने में सुन्दर है और यही उसका Achievement है, तो वो आ सकती है.

Young Achievers Matrimony की वेबसाइट पर जाएंगे तो ऐसे कई और नग़्में सामने आएंगे. जैसे वर-वधू चुनने की इनकी कड़ी प्रक्रिया. ये बहुत सोच के साथ कैंडिडेट चुनते हैं और हां, औसत दर्जे के लोगों की इनके पास कोई जगह नहीं.

अगर आप फिर भी यहां जाने को तैयार हो गए, तो पहले Rs.10000 से 25000 की फ़ीस देनी पड़ेगी, ताकि आपको महंगा शाकाहारी लंच मिले और हाई टी भी. High Tea अपने विदेशी भाइयों की वो महंगी चाय, जिसमें साथ में फ़ैन, मठरी और बिस्किट की जगह Cookies, Cold Meat जैसे Fancy नाम होते हैं.

ख़ैर, इनका Ad देख कर आप इतना तो समझ ही गए होंगे कि इस समाज में इस तरह के कीटाणु भी रहते हैं, जो हाई क्लास के नाम पर इस तरह का भेदभाव करते हैं. इनके लिए लोगों की सफ़लता जज करने का पैमाना अलग है, लड़कियों की सफ़लता मापने का तरीका अलग है. In Short, ये समाज के डिवाइड को में और खुदाई कर रहे हैं.

अगर आपका कोई 'अमीर दोस्त' (मज़ाक समझ गए होंगे) है, तो उसे आगाह कर दें. क्या पता इन्होंने कितनों को चूना लगाया हो.