देश में कई मंदिर ऐसे हैं, जहां भक्तों की भारी भीड़ पूरे साल रहती है. लोग यहां अपनी श्रद्धानुसार दान करते हैं और ईश्वर को उनकी कृपा बनाये रखने के धन्यवाद देते हैं. इन मंदिरों में आने वाले लोग न केवल प्रभु के दर्शन करते हैं, बल्कि अपनी इच्छानुसार कुछ दान भी करते हैं. धीरे-धीरे लोगों के इस दान ने इन मंदिरों में बेशुमार दौलत जमा कर दी, आज हम आपको ऐसे ही मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो बेहद धनवान हैं.

1. पद्मनाभेश्वर मंदिर केरल

Source: dandavats

इस मंदिर के पास 20 बिलियन डॉलर्स यानि करीब 13,60,99,90,00,000 रुपये की संपत्ति है.

2. तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर, आंध्र प्रदेश

Source: wp

इस मंदिर को प्रतिवर्ष 650 करोड़ का दान मिलता है और मंदिर को केवल मिठाइयों से 11 मिलियन डॉलर्स यानि 75,00,00,000 रुपये की कमाई होती है.

3. श्री साईं बाबा श्राइन, मुम्बई

Source: temple

देश का तीसरा सबसे धनवान मंदिर है ये. यहां 32 करोड़ रुपये का सोना और चांदी है. इसके साथ ही 6 लाख के सिक्के हैं. प्रतिवर्ष इस मंदिर को 360 करोड़ रुपये का दान प्राप्त होता है.

4. वैष्णो देवी मंदिर, जम्मू

Source: maavaishno

देश का दूसरा सबसे ज़्यादा दर्शनार्थियों वाला मंदिर है मां वैष्णो देवी का. इस मंदिर को 500 करोड़ की हर साल आमदनी होती है.

5. सिद्धिविनायक मंदिर, मुम्बई

Source: MOI

इस मंदिर की सालाना आमदनी 48 से 125 करोड़ रुपये है.

6. गोल्डन टेम्पल, अमृतसर

Source: ndtv

इस मंदिर का छत्र सोने का बना हुआ है. इसके ऊपर पवित्र गुरु ग्रन्थ साहब को रखा गया है, जो बेशकीमती धातुओं और हीरों से सजा हुआ है.

7. मीनाक्षी मंदिर, मदुरै

Source: blogspot

हर साल लगभग 30 हज़ार भक्त यहां दर्शन को आती हैं. मंदिर की प्रतिवर्ष की आमदनी 6 करोड़ की है.

8. जगन्नाथ मंदिर, पुरी

Source: happy

इस मंदिर की वास्तविक संपत्ति का अन्दाज़ तो नहीं लगाया जा सकता है, लेकिन माना जाता है कि मंदिर के पास 130 किलो सोना और 220 किलो चांदी है. एक बार एक यूरोपीय भक्त ने अकेले 1.72 करोड़ मंदिर को दान कर दिया था.

9. काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी

Source: dharmik

इस मंदिर के तीन गुम्बद हैं और इनमें से दो पर सोने की प्लेटें चढ़ाई गई हैं. प्रतिवर्ष इस मंदिर को लोग 4 से 5 करोड़ रुपये का दान करते हैं.

10. सोमनाथ मंदिर, गुजरात

गुजरात के इस सबसे रईस मंदिर में हर साल लोग 33 करोड़ रुपये दान करते हैं.

ये बात तो माननी पड़ेगी कि इन मंदिरों में इतनी संपत्ति है कि देश की गरीबी को हमेशा के लिए मिटाया जा सकता है.