सरकार देश को साफ़ रखने के लिए लगातार कोशिशें कर रह रही है, ताकि गंदगी की वजह से लोगों को कोई बीमारी न हो और देश का भी मान बना रहे. जिस जनता के लिए सरकार स्वच्छ भारत अभियान को इतना बढ़ावा दे रही है, लगता है उसी जनता को गंदगी में रहने की आदत हो गयी है और वो इससे निकलना नहीं चाहती है. कल की घटना से तो यही लगता है.

शनिवार रात दिल्ली के जीटीबी नगर इलाके में मेट्रो स्टेशन के बाहर एक ई-रिक्शा चालक को कुछ सरफ़िरे लोगों ने सिर्फ़ इसलिए बेरहमी से मार दिया, क्योंकि वो उन्हें मेट्रो के बाहर पेशाब करने से रोक रहा था. दरअसल, शनिवार दोपहर 2 बजे के करीब रविन्दर नाम का एक रिक्शा चालक दो लोगों को मेट्रो के बाहर पेशाब करने से रोक रहा था. ये बात उन दोनों को बुरी लग गई और उन्होंने रिक्शा चालक को धमकी दी कि वो उसे देख लेंगे.

वो दोनों युवक रात में अपने साथ करीब 15 लोगों को लेकर आए और रिक्शा चालक को लोहे और ईंट से बुरी तरह मारने लगे. कुछ लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, तो वो उन्हें भी मारने लगे, लेकिन ज़्यादातर लोग रिक्शा चालक को मार खाते ही देख रहे थे. हादसे के बाद रविन्दर ने अपने भाई को फ़ोन करके बुलाया. उसका भाई आया और उसे घर ले गया, लेकिन घर पहुंचते ही रविन्दर की हालत बिगड़ने लगी. रविन्दर को हिंदू राव अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

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इस घटना पर अफ़सोस जताते हुए केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू ने ट्वीट कर कहा कि 'रिक्शा चालक स्वच्छ भारत अभियान को बढ़ावा दे रहा था. मैंने पुलिस आयुक्त से बात की है और उनसे दोषियों के खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा है.' पुलिस का कहना है कि रविन्दर मेट्रो के पास पेशाब की वजह से आ रही बदबू और गंदगी से तंग आ चुका था, इसलिए उसने उन दोनों युवकों को रोकने की कोशिश की थी.

32 साल के रविन्दर की पिछले साल ही शादी हुई थी. उसक पत्नी गर्भवती थी. वो अपनी पत्नी, माता-पिता और 3 भाइयों के साथ किशोर मार्केट में रहता था.

Article Source: Hindustan Times