ऋषिकेश को भारत की योग राजधानी कहा जाता है. बीते सालों में योग भरता में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में लोकप्रिय हुआ है. इसकी बढ़ती लोकप्रियता के साथ योग सिखाने वालों की मांग भी दुनिया में बढ़ी है. ऋषिकेश से भी चीन समेत एशिया के कई भागों में योग सिखाने वाले भेजे गए हैं.

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चीन में लगभग 1,500 योग टीचर भारत से जाकर योग सिखा रहे हैं. इनमें से 70 से 80 प्रतिशत हरिद्वार और ऋषिकेश से हैं. यहां कई योग स्कूल हैं, जहां से ये टीचर योग सीखते हैं. आशीष बहुगुणा को चीन में योग सिखाते हुए लगभग दस साल हो गए हैं. उन्होंने ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन आश्रम से शिक्षा ली थी. पिछले साल उन्हें चीन के सबसे सुन्दर योगी के खिताब से भी नवाज़ा गया.

बहुगुणा बीजिंग में 'WeYoga' नाम का स्टूडियो चलाते हैं. वो बताते हैं कि भारत के योग टीचर की विदेश में बहुत कद्र की जाती है. चीन में योग की लोकप्रियता तेज़ी से बढ़ रही है. 2009 में चालीस लाख लोग सीखते थे, 2014 में ये संख्या एक करोड़ हो गयी.

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Daxue Consulting की रिपोर्ट के अनुसार, 2009 में में चीन में लगभग एक लाख पेशेवर योग टीचर थे, जिनकी संख्या 2014 तक लगभग ढाई लाख हो गयी. मोहन भंडारी चीन में योग सिखाने वाले पहले भारतीय टीचरों में से एक हैं. वो बताते हैं कि चीन के लोग योग का सही तरीका सीखना चाहते हैं, जिसके लिए वो भारतीय टीचरों पर जल्दी यकीन कर लेते हैं. योग की उत्पत्ति भारत में ही हुई थी, इसलिए यहां के टीचरों को ज़्यादा विश्वसनीय माना जाता है.

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मोहन 2003 से चीन में योग सिखा रहे हैं. वो बताते हैं कि यहां की योग मार्केट में हर साल लगभग बीस प्रतिशत का इज़ाफा होता है. ये देखते हुए कई युवाओं की दिलचस्पी योग सिखाने में हुई है. आज कई पढ़े-लिखे लोग चीन में योग सिखा कर हर महीने कम से कम एक लाख रुपये कमा रहे हैं.

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