हाल ही में यूपी पुलिस ने बदमाशों को भगाने के लिये मुंह से 'ठांय.. ठांय' की आवाज़ निकाली थी और ये ख़बर सोशल मीडिया पर लोगों के बीच आग की तरह फैल गई थी. अब दिल्ली पुलिस का एक नया कारनामा सामने आया है. एक रिपोर्ट के अनुसार, बीते शनिवार कुछ चोरों ने सैनिक फ़ार्म को निशाना बना कर चोरी की घटना को अंजाम दिया है. ऐसे में पुलिस से मदद की उम्मीद करते हुए उन्हें सूचित किया गया. वहीं पुलिस भी अपना कर्तव्य निभाने के लिये मौके पर पहुंची, लेकिन चोरों को पकड़ने के बजाये उन्हें आसानी से जाने दिया.

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पुलिस के इस ढीले-ढाले रवैया का सबूत सीसीटीव फ़ुटैज में कैद है. दरअसल, बात ये है कि सैनिक फ़ार्म के डब्ल्यू ब्लॉक स्थित एक घर में बदमाश लगभग 1 घंटे तक लूटपाट करते रहे. कंपाउंड वॉल के सहारे मकान में घुसे लुटेरे हथियारों से लैस थे. इस दौरान घर के मालिक ने मदद के लिए PCR को कॉल की, जिसके बाद नेब सराय पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने एक हेड कॉन्स्टेबल और कॉन्स्टेबल को सैनिक फ़ार्म जाने का आदेश दिया.

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इसके बाद सादी वर्दी और प्राइवेट कार से दो पुलिस वाले मौके-ए-वारदात पर पहुंचते हैं, चोरों से उनका आमना-सामना होता है. चोर पुलिसवालों से रास्ता देने के लिये कहते हैं और पुलिसवाले भी आसानी से उन्हें जाने देते हैं और ख़ुद थाने लौट जाते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, पुलिसवालों के पास सुरक्षा के लिये कोई हथियार नहीं थे. वहीं जब तक पुलिस दोबारा मौके पर चोरों को पकड़ने के लिये पहुंची, तब तक वो वहां से फ़रार हो चुके थे.

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इस लापरवाही के लिए दोनों को निलंबित कर दिया गया है. कहा जा रहा है कि सादी वर्दी में आये पुलिसवालों को पीसीआर की तरफ़ से बिना डिटेल दिये भेजा गया था.

अब पीसीआर की तरफ़ से पुलिसवालों को डिटेल दी गई थी या नहीं, इसे बारे में साफ़-साफ़ कुछ नहीं कहा जा सकता पर पुलिसवालों की हरक़त वाकई शर्मिंदगी भरी है.

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