जिसने कभी मीडिल क्लास लोगों तक गुणवत्ता पूर्ण अंग्रेज़ी शिक्षा पहुंचाने का सपना देखा था, आज उसी शख़्स का स्कूल ग़लत काम की वजह से सड़क से लेकर संसद तक चर्चा का विषय बना हुआ है. हम बात कर रहे हैं रेयन इंटरनेशनल स्कूल के मालिक अगस्टिन एफ़ पिंटो की.

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दरअसल, भोंडसी स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल में बीते शुक्रवार सुबह सात वर्षीय छात्र प्रद्युम्न ठाकुर की चाकू से गला रेंत हत्या कर दी गई थी. स्कूल परिसर के अंदर बच्चे की हत्या को लेकर ये स्कूल विवादों में है. इस स्कूल को लेकर एक के बाद कई चौंका देने वाले तथ्य सामने आते जा रहे हैं. मानों स्कूल पर न जाने कितनी परतें चढ़ी हुई थी, जो एक-एक करके उतरती जा रही हैं. इन ख़ुलासों के बारे में हम आपको बताएं, इससे पहले इस स्कूल के मालिक और उसके परिवार के बारे में कुछ ज़रूरी बातें जाननी बेहद ज़रूरी हैं.

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एफ़ पिंटो ने कर्नाटक के मैंगलौर से स्कूलिंग की थी और चेन्नई के लोयला कॉलेज से इकोनॉमिक्स से स्नातक किया. पढाई के बाद वे मुंबई नौकरी खोजने आये और भारत स्विस प्लास्टिक नामक कंपनी में उन्हें क्लर्क की नौकरी मिली गई, लेकिन करीब दो साल बाद ये कंपनी बंद हो गई और पिंटो बेरोज़गार हो गए. पिंटो के लिए बेहद मुश्किल भरा दौर था, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि इस दौर से गुज़रने के बाद उनकी किस्मत बदलने वाली है.

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खै़र दोस्तों की मदद से उन्हें मुंबई के मलाड में एक प्राइमरी स्कूल में टीचर की नौकरी मिल गई. शिक्षक की नौकरी करते-करते उन्हें अहसास हुआ कि मध्यम वर्ग के लिए गुणवत्ता पूर्ण अंग्रेज़ी शिक्षा का सप्लाई गैप है. इसी दौरान पिंटो की जिंदगी में एक और बड़ा मोड़ आया, उन्हें मैथेमेटिक्स की टीचर ग्रेस पिंटो से प्यार हो गया और 1974 में दोनों ने शादी रचा ली और फिर शुरुआत हुई रेयान इंटरनेशनल ग्रुप की. पूरे देश में इसके 130 से ज़्यादा स्कूल हैं. मध्यपूर्व देशों में पांच स्कूल हैं, अन्य देशों में स्कूल के विस्तार की योजना है. भारत में इसके Schools में 2.70 लाख छात्र हैं और 18 हज़ार शिक्षक एवं स्टॉफ़ की संख्या है. वहीं स्कूल से हर साल लगभग 30 हज़ार छात्र ग्रेजुएट होकर निकलते हैं. एफ़ पिंटो का बेटा रायन पिंटो अभी ग्रुप के सीइओ है, जो लंदन के एक मशहूर बिज़नेस स्कूल से पढ़ कर आया है.

वहीं स्कूल के अंदर सात वर्षीय प्रद्युम्न की हत्या के मामले में जांच के लिए गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की रिपोर्ट आ गई है और SIT की इस रिपोर्ट में स्कूल को लेकर कई चौंका देने वाली बाते सामने आई है. तीन सदस्यीय SIT की जांच रिपोर्ट से पता चलता है कि स्कूल एक-दो नहीं, बल्कि कई स्तरों पर लापरवाही बरत रहा था.

1. स्कूल में सीसीटीवी लगाने में गड़बड़ी की गई थी.

2. ड्राइवर, कंडक्टरों के लिए स्कूल के अंदर अलग से टॉयलेट के इंतज़ाम नहीं थे.

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3. स्कूल की बाउंड्री टूटी हुई थी.

4. स्कूल में काम करने वाले कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन भी नहीं कराया गया था.

5. Fire Extinguisher भी एक्सपायर हो चुके हैं. मतलब अगर अचानक स्कूल में आग लग जाए, तो बच्चों की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है.

SIT की रिपोर्ट स्कूल के दावों की पोल खोलती है. इतना फ़ेमस स्कूल और बच्चों की सुरक्षा के साथ इतना बड़ा खिलवाड़. बच्चों से पढ़ाई और सुरक्षा के नाम पर मोटी फ़ीस वसूलने वाले Schools की सुरक्षा के इंतज़ाम अगर ये हैं, तो ऐसे और कई मामले सामने आएंगे. ये हादसा कम और लापरवाही का नतीजा ज़्यादा है.

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