अमेठी कांग्रेस का गढ़ माना जाता है. यहां वर्षों से राजपरिवार की विरासत की जंग चली आ रही है. अभी ये विवाद हल्का होने ही वाला था कि राजा संजय सिंह की दोनों पत्नियों के बीच सियासी जंग शुरू हो गयी है. राजमहल में रहने वाली संजय सिंह की दोनों रानियां एक-दूसरे के खिलाफ़ चुनाव लड़ने का मन बना चुकी हैं. संजय की पहली पत्नी गरिमा सिंह को बीजेपी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अमेठी सीट से प्रत्याशी बनाया है, वहीं कांग्रेस ने अमिता सिंह को. हालांकि, अमिता सिंह को टिकट मिलना अभी पक्का नहीं हुआ है, लेकिन अगर कांग्रेस उन्हें टिकट नहीं देती है, फिर भी वो अमेठी से ही निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ेंगी.

अभी तक कांग्रेस पार्टी ने इस बात पर कोई टिप्पणी नहीं की है. समाजवादी पार्टी के साथ गठबन्धन के बाद अमेठी की सीट उसी की झोली में चली गयी है और सपा यहां के लिए गायत्री प्रजापति को प्रत्याशी भी घोषित कर चुकी है. दोनों रानियों के मैदान में उतरने से चुनाव बड़ा दिलचस्प हो गया है. पूर्व केन्द्रीय मंत्री राजा संजय सिंह की पहली पत्नी, गरिमा सिंह बीजेपी का हाथ पकड़कर पहली बार चुनाव में हिस्सा ले रही हैं, वहीं अमिता सिंह कई बार विधायक और मंत्री रह चुकी हैं. अमेठी से टिकट पाने के लिए अमिता राहुल गांधी से गुहार लगा चुकी हैं. ऐसे में गायत्री प्रजापति का यहां से चुनाव लड़ना मुश्किल हो सकता है.

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बीजेपी ने रानी के खिलाफ़ दूसरी रानी को उतारकर मुक़ाबला बड़ा रोमांचक बना दिया है. साथ ही उसने इस क्षेत्र के सारे समीकरण बिगाड़ दिए हैं. सबसे ज़्यादा परेशानी तो संजय सिंह को हो रही होगी, दो शादियां करने का खामियाजा बेचारे अब भुगत रहे हैं. ऐसे में वो किसे वोट देते हैं, ये देखने वाली बात होगी. आपको बता दें कि दोनों रानियों में कई सालों से सम्पति को लेकर विवाद चल रहा है.

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