देश में आज कल आप कितने योग्य हैं इस पर कोई ध्यान नहीं देता, लेकिन आप अंग्रेज़ी कैसे बोलते हैं, इस पर सबका ध्यान चला जाता है. ख़राब अंग्रेज़ी बोलने के लिए आपको Troll भी किया जा सकता है. क्रिकेट की चैम्पियंस ट्राफ़ी में इस बार मैच से ज़्यादा, सरफ़राज़ अहमद का अंग्रेज़ी में बात करना चर्चा का विषय रहा.

इस टूर्नामेंट में पकिस्तानी टीम का प्रदर्शन भले ही बेहतरीन रहा हो, लेकिन सरफ़राज़ अहमद का अंग्रेज़ी में प्रदर्शन बेहद ख़राब रहा. बेशक सरफ़राज़ एक ऐसे देश से आते हों जहां की मातृभाषा अंग्रेज़ी न हो, लेकिन उन्हें अंग्रेज़ी आनी चाहिए क्योंकि वे कप्तान हैं. ऐसा उन लोगों का मानना है जिन्होंने उन्हें Troll किया है.

दरअसल श्रीलंका को हराकर सरफ़राज़ जब प्रेस कॉन्फ़्रेंस में पहुंचे तब उन्होंने कैमरे के सामने ही पूछ लिया ' सब इंग्लिश के हैं क्या?' वे वहां English Channels को देखकर थोड़े से असहज दिखे. बस इतना ही Trollers के लिए काफ़ी था.

कुछ देर बाद ही एक वेबसाईट ने इसे अपडेट किया और देखते-देखते ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. लेकिन इसके बाद ही उनके कुछ हिन्दुस्तानी प्रशंसकों ने Trollers की भी खिंचाई कर दी.

उनमें से कुछ ने कहा कि अगर आपको अच्छी अंग्रेज़ी नहीं आती तो आप मज़ाक उड़ाए जाने के पात्र नहीं हैं. लोगों ने उनकी कप्तानी की तारीफ़ भी की.

पाकिस्तान कल के मुकाबले में पिछले उपविजेता रहे मेज़बान इंग्‍लैंड को आठ विकेट से हराकर क़ामयाब रहा था.