तमिलनाडु में बीते कुछ महीनों से कुछ भी सही नहीं चल रहा है. पहले तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता का निधन, उसके बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासी भूचाल. जी हां, इसी सियासी भूचाल के बीच तमिलनाडु में पन्नीरसेल्वम की जगह मुख्यमंत्री बनने पर अड़ी अन्नाद्रमुक महासचिव वी.के. शशिकला को आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चार साल की सज़ा सुनाई है. शशिकला को अब जेल जाना होगा. सुप्रीम कोर्ट के इस फै़सले के बाद तमिलनाडु की राजनीति में उथल-पुथल मच गई है, क्योंकि शशिकला अब छह साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगी. साथ ही 10 साल तक मुख्यमंत्री भी नहीं बन पाएंगी. इसके अलावा उन्हें अन्नाद्रमुक महासचिव का पद भी छोड़ना पड़ेगा.

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ये मामला करीब 21 साल पुराना है. साल 1991 से 1996 तक तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता पर मुख्यमंत्री पद पर रहने के दौरान अपनी आय से अधिक 66 करोड़ रुपये की सम्पत्ति जमा करने का आरोप था. इस केस में जयललिता के साथ शशिकला और उनके दो रिश्तेदारों को भी आरोपी बनाया गया था. शशिकला के खिलाफ़ ये केस निचली अदालतों से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा है.

इस केस को करीब 18 सालों तक खींचा गया. पिछले 27 सितंबर 2014 को बेंगलुरु की विशेष अदालत ने जयललिता को 4 साल की सज़ा सुनाई थी. इसके अलावा जयललिता पर 100 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया था. इसी केस में शशिकला और उनके दो रिश्तेदारों को भी चार साल की सज़ा सुनाई गई थी और 10-10 करोड़ का जुर्माना भी लगाया गया था. फै़सले के बाद चारों को जेल भी भेजा गया था. जिसके बाद मामला कर्नाटक हाईकोर्ट पहुंचा था.
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हालांकि, मई 2015 में कर्नाटक उच्च न्यायालन ने सबूतों के अभाव में निचली अदालत के फ़ैसले को पलट दिया था और जयललिता सहित सभी आरोपियों को इस मामले से बरी कर दिया था. हाईकोर्ट के इस फ़ैसले के बाद जयललिता और शशिकला को बड़ी राहत मिली थी. इसी के बाद 23 मई 2015 को मुख्यमंत्री के रूप में तमिलनाडु की सत्ता में जयललिता की वापसी हुई. मगर इसके बाद मामला फिर सुप्रीम कोर्ट जा पहुंचा.

अंतत: 14 फरवरी 2017 को आय से अधिक संपत्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फ़ैसला सुना ही दिया और शशिकला को चार साल जेल की सज़ा देकर उनकी राजनीतिक महत्वकांक्षाओं पर पानी फेर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फ़ैसले में शशिकला सहित अन्य आरोपियों को गिरफ़्तार करने का निर्देश जारी किया है.

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गौरतलब है कि जयललिता का निधन हो जाने के कारण उनके ऊपर से कोर्ट ने सारे मामले उठा लिये हैं. इस मामले में चार लोग आरोपी थे.

  1. जे. जयललिता
  2. शशिकला
  3. इलावारसी
  4. वी.एन. सुधाकरण

ऐसा बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के इस फै़सले के बाद शशिकला के पास अब पुनर्विचार याचिका दाखि़ल करने का ही विकल्प बचा है.

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