स्वास्थ्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत किशोरों के लिए 'साथिया सलाह' मोबाइल App पेश किया. ये App किशोरों को उचित सहायता प्रदान करने के लिए बनायी गयी है. इस कदम को मानसिकता के विकास में एक अहम कदम माना जा सकता है.

इसमें ख़ास ये है कि ये जेंडर की दीवार को तोड़ने हुए किशोरों को कुछ अहम बातें सिखाती है. ये कहती है कि लड़के भी रो सकते हैं, इससे वो कमज़ोर नहीं होंगे. गर्भनिरोधक की अहमियत बताने के साथ, ये समलैंगिकता का स्वागत करना भी सिखाती है.

इसमें कहा गया है कि एक ही लिंग के लोगों में आकर्षण होना बिलकुल सामान्य है. एक रिश्ते में सहमति और इज्ज़त होना कितना ज़रूरी है, इस पर भी ज़ोर दिया गया है.

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इस App को किसी भी Android फ़ोन पर गूगल प्ले स्टोर के ज़रिए डाउनलोड किया जा सकता है. इसमें एक टोल फ्री नंबर भी दिया गया है, जिस पर संपर्क कर कोई भी किशोर अपनी शारीरिक और मानसिक समस्याओं के बारे में विशेष सलाह ले सकता है.

स्वास्थ्य सचिव, सी. के. मिश्रा ने साथिया को भारत सरकार की ओर से की गई एक बड़ी पहल बताते हुए कहा कि भारत ऐसा अभियान शुरू करने वाला दुनिया का पहला देश है.

हमारे देश में 25.3 करोड़ किशोर हैं, जो संख्या के लिहाज़ से विश्व में सर्वाधिक हैं. किशोर ही भविष्य में देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाएंगे, इसलिए उनके स्वास्थ्य एवं तंदरुस्ती को प्राथमिकता देना ज़रूरी है.