स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने पहली बार चेक से भुगतान किए जाने पर चार्ज वसूलने का फ़ैसला किया है. कंपनी ने हाल ही में ग्राहकों को कहा कि अब से 2,000 रुपये से कम के चेक पेमेंट पर 100 रुपये का शुल्क देना होगा.

एसबीआई कार्ड के एमडी और सीईओ, विजय जसुजा ने Business Standard से बातचीत के दौरान बताया कि 'पेमेंट की तारीख नज़दीक आने पर ड्रॉप बॉक्स में बड़ी संख्या में चेक डाले जा रहे हैं. इससे लेट पेमेंट चार्ज को लेकर विवाद होता रहा है. हमने गहन विश्लेषण किया. ऐसा संभव नहीं है कि बैंक हर महीने चेक कलेक्शन में गलती करे.'

ऐसे विवाद निपटाने के लिए बैंक ने चेक पेमेंट्स का चलन ख़त्म करने की ओर डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने की दिशा में ये कदम उठाया गया है.

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SBI की दूसरी इकाई, एसबीआई कार्ड देश की अकेली ऐसी संस्था है, जो बैंक नहीं है और फ़ाइनैंस कंपनी के रूप में पंजीकृत है. परिणामस्वरूप ये क्लियरिंग के लिए चेक कलेक्ट करने और डिपॉज़िट करने पर चार्ज वसूलती है. जसूजा के मुताबिक, 92 प्रतिशत कार्डधारक अपने बिल चेक से नहीं भरते.

नई योजना 1 अप्रैल 2017 से होने वाले लेन-देन पर लागू कर दी गई है.

नया शुल्क वैसे एसबीआई खाताधारकों पर लागू नहीं होगा, जो काउंटरों पर जाकर चेक पेमेंट करते हैं. क्योंकि ऐसे मामलों में चेक को क्लियरिंग के लिए नहीं भेजा जाता, बल्कि इंटरबैंक ट्रांसफ़र के ज़रिए पेमेंट हो जाता है. हालांकि, दूसरे बैंकों के चेक एसबीआई शाखाओं के काउंटरों पर जमा करने पर भी फ़ी देनी होगी.

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