पूसा इंस्टीट्यूट क्वार्टर से सड़ी-गली अवस्था में रिटायर्ड परमाणु वैज्ञानिक, यशवीर सूद का शव बरामद किया गया है. बीते मार्च 2015 में 62 साल की उम्र में सूद सेवानिवृत्त हुए थे. इस घटना में एक चौंका देने वाली बात भी सामने आई है, वो ये है कि रिटायर्ड वैज्ञानिक की मौत दो हफ़्ते पहले हो चुकी थी और पिछले दो हफ़्तों से उनका शव उनके घर में सड़ रहा है था, वो भी उनके भाई-बहन की मौजूदगी में.

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घटना के बारे में बात करते हुए पुलिस उपायुक्त विजय कुमार ने बताया, 'बीते गुरुवार को पूसा कैंपस के फ़्लैट नंबर बी-1 से फ़ील्ड ऑफ़िसर सोनू कुमार को अजीब तरह की बदबू का अहसास हुआ, तो उन्होंने तुंरत इसकी पुलिस को सूचना दी. मृतक वैज्ञानिक इस घर में अपने छोटे भाई हरीश और बहन कमला के साथ रहते थे. वहीं जब सोनू कुमार ने घर के अंदर जाकर जांच करने की कोशिश की, तो कमला ने उन्हें घर के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया. छानबीन करने पर सामने आया कि कमला और हरीश, दोनों ही मानसिक रूप से बीमार हैं.'

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आगे बताते हुए विजय कुमार ने कहा, 'रिटायर होने से पहले ही यशवीर सूद को शराब की लत थी और वो डिप्रेशन का शिकार भी थे.' अधिकारी ने बताया कि यशवीर सूद के पिता डॉ. वेदप्रकाश सूद इसी संस्थान में वैज्ञानिक थे.

पुलिस के मुताबिक, सूद ने रिटायर होने के बाद से अब तक अपनी पेंशन और ग्रेच्युटी का यूज़ नहीं किया. वहीं घर की छानबीन करते वक़्त सूद का सड़ा-गला शव एक फोल्डिंग खाट पर पड़ा पाया गया. घर की स्थिति काफ़ी ख़राब थी. कमला और हरीश को इंस्टिट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर ऐंड अलाइड सांइसेज में भर्ती कराया गया है और सूद के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है.

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