पृथ्वी लगभग 4.5 बिलियन वर्ष पुराना Planet है. आज जिस पृथ्वी पर हम हर तरह के जीव देख रहे हैं, वो कभी सिर्फ़ एक आग का गोला थी. हज़ारों साल पहले इस पर जीवन नहीं था.

गुज़रते वक़्त के साथ धीरे-धीरे पृथ्वी पर कई तरह के पौधे, जीव-जन्तु पैदा हुए.

वैज्ञानिकों के अनुसार, लगभग 480 मिलियन वर्ष पहले पृथ्वी पर वनस्पतियों का Evolution हुआ. इसके बाद अन्य जानवर भी Evolve हुए.

फिर डायनासॉर्स भी आये और इतिहास भी बन गए. पृथ्वी पर जीवन और मृत्यु का सिलसिला चलता रहा.

कहते हैं, Old is Gold. लेकिन कई मायनों में ये बात सही साबित नहीं होती. अमेरिका में पाए जाने वाला Bristlecone Pines, आज भी उगने वाला, दुनिया का सबसे पुराना पेड़ है.

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Sweden के Dalarna क्षेत्र के पहाड़ों पर उगता है एक अनोखे तरह का पेड़. नाम है, Old Tjikko. ये कोई आम पेड़ नहीं है. इस पेड़ की जड़ों पर Radio Carbon Dating की गई और पता चला कि इस पेड़ की उम्र लगभग 9,550 साल है.

इससे पहले Bristlecone Pines को पृथ्वी का सबसे पुराना पेड़ माना जाता था, जिसकी उम्र लगभग 5,065 साल है.

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Old Tjikko को 2004 में Professor Leif Kullman द्वारा खोजा गया. इस पेड़ की लंबाई सिर्फ़ 13 फ़ीट है.

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वैज्ञानिकों की खोज के अनुसार इस पेड़ ने अपनी जड़ें Last Ice Age के समय फैलाई थी. उस वक़्त समुद्र का स्तर अभी से 390 फ़ीट नीचे था. पृथ्वी का तापमान भी काफ़ी कम था. किसी बड़े पेड़ के लिए ऐसी परिस्थितियों में जीवित रहना मुमकिन नहीं. Professor Leif का कहना है कि ये पेड़ Self Cloning करने में सक्षम है, इसलिये ये पेड़ इतने सालों तक जीवित रहा. आसान शब्दों में कहा जाये, तो अगर पेड़ की टहनियां और पेड़ का तना किसी कारण से मर जाये तो जड़ को बिना नुकसान पहुंचाये, ये पेड़ दोबारा अपना तना उगा सकता है.

परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हो, जीवन में संघर्ष नहीं छोड़ना चाहिए और ये पेड़ इस सीख का बहुत अच्छा उदाहरण है.

Source- The Vintage News