किडनी शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है. बिना इसके हम अपनी ज़िंदगी की कल्पना नहीं कर सकते हैं. इन दिनों दुनिया भर में किडनी से जुड़ी समस्याओं के मरीज़ बढ़ते जा रहे हैं. सबसे दुख वाली बात ये है कि लोगों के पास इतने पैसे नहीं हैं कि अपना इलाज करवा सकें. जिनकी किडनी ख़राब होती है, उन्हें दूसरों की किडनी का सहारा लेना पड़ता है या फ़िर डायलिसिस का. हालांकि, किडनी से संबंधित रोगों से निपटने के लिए वैज्ञानिकों को कृत्रिम किडनी बनाने में सफ़लता मिल चुकी है. अब वो दिन दूर नहीं, जब लोग कृत्रिम किडनी के सहारे अपनी ज़िंदगी का लुत्फ़ उठाएंगे.

Source: TOI
कृत्रिम किडनी के कारण अब लोगों को महंगे इलाज की ज़रुरत नहीं पड़ेगी. हालांकि, इसे आने में कुछ वक़्त ज़रुर लग सकता है. कैलीफोर्निया यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ डॉ. शुवो रॉय ने चेन्नई में आयोजित एक कार्यक्रम में बताया कि इसे अमेरिका में बनाया जा रहा है. एफडीए की मंजूरी से पहले कुछ सुरक्षा और प्रभावी परीक्षणों की जांच होना बाकी है.

कैसी होगी कृत्रिम किडनी?

  • यह बिल्कुल पोर्टेबल और मानवीय शरीर के अनुकूल होगी.
  • इसे व्यक्ति के पेट में प्लांट किया जाएगा.
  • इसका संबंध हार्ट से होगा.
  • ये ख़ून को साफ़ करेगी.

देखा जाए, तो यह कृत्रिम किडनी बिल्कुल मानव किडनी की तरह ही काम करेगी. इसका मुख्य काम हार्मोंस का उत्पादन करना और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करना है.

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आंकड़ों की बात करें, तो भारत में ही हर साल 2.5 लाख लोगों की किडनी की समस्या से मौत हो जाती है. इसके कारण बहुत पैसे ख़र्च होते हैं. ऐसे में कृत्रिम किडनी एक क्रांतिकारी खोज है. उम्मीद है कि 2020 तक ये आमलोगों को मिलने लगे, जिससे लोगों को कम परेशान होना पड़े.

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