गूगल बाबा बहुत चमत्कारी हैं. दुनिया वालों को कुछ पता हो या न हो, इन्हें सब पता है. बाबा के ज्ञान पर किसी को कोई संदेह हो ही नहीं सकता. इनसे कुछ पूछने के लिए बस कुछ Keywords टाइप करने की देर होती है, उसके बाद तो ये उनकी पोल-पट्टी खोल देते हैं.

बाबा से ज्ञान पाने में सारा खेल Keywords का है. बाबा जी हमेशा सही हों ये ज़रूरी नहीं है, देखिये कुछ Searches के ऐसे Results, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रशंसकों के चेहरों पर ख़ुशी भी ला सकते हैं और गुस्सा भी. अब हमारे प्रधानमंत्री के पास वक़्त नहीं है ख़ुद के बारे में सर्च करने का, लेकिन हमारे पास तो वक़्त ही वक़्त है.

देखने के बाद आप ही फ़ैसला कीजिये कि गूगल बाबा कितने सही हैं या कितने ग़लत.

Greatest PM

इस शब्द को सुनकर तो हम भारतीयों की मूछें फड़कने लगती हैं. हमारे प्रधानमंत्री को गूगल ग्रेटेस्ट PM जो दिखा रहा है.

Great PM

जब ग्रेट की Superlative Degree में हमारे प्रधानमंत्री जी जा चुके हैं, तब ग्रेट शब्द तो उनके संबोधन के लिए बहुत छोटा है.

No.1 PM

गर्व से सीना 112 इंच चौड़ा हो जाता है जब गूगल No.1 PM लिखने पर हमारे प्रधानमंत्री की फ़ोटो गूगल बाबा दिखाते हैं.

लेकिन कुछ लोगों ने Search Engine Optimization में ऐसा जुगाड़ भिड़ाया है, जिससे हम भारतीयों की भावनाएं आहत हो जाती हैं.

2015 में वर्ल्ड टॉप 10 क्रिमिनल लिस्ट में गूगल ने प्रधानमंत्री मोदी की फ़ोटो दिखाई थी.

अफ़सोस हमारे प्रधानमंत्री के बारे में ये ऊट-पटांग बातें लिखने वाले हमारे अपने ही हैं. अब ऐसे अपमानजनक शब्द कोई प्रधानमंत्री के लिए कैसे लिख सकता है?

Pagal Pradhanmantri

जब गूगल पर पागल प्रधानंत्री के लिए इमेज तलाशा तब प्रधानमंत्री मोदी जी की तस्वीर आ गई. गूगल बाबा को अक्ल है या नहीं? वे ऐसे वाहियात परिणाम तो नहीं दिखा सकते न?

अपराधी प्रधानमंत्री

अब ये तो हद हो गई न? उन्हें अपराधी कहना सवा सौ करोड़ देशवासियों को अपराधी कहना है.

Criminal PM

इन सर्च इंजनों और ऐसे कंटेंट लिखने वालों की हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं.

Feku PM

Feku PM, कसम से ये विपक्ष की चाल है जी.

Bewakoof PM

दुनिया में मोदी जी की कूटनीतियों की वाह-वाही हो रही है, शायद यही हजम नहीं हो पा रहा है गूगल बाबा से.

Stupid PM

ये तो बिलकुल बर्दाश्त के क़ाबिल नहीं है. अगर कोई कंपनी चीन या पाकिस्तान के प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति के बारे में ऐसी बातें लिख दे तो उस पर ताले पड़ जाएं लेकिन देखिये हमारे यहां गूगल कितना फल-फूल रहा है.

हम भारतीय अपने प्रधानमंत्री तक का अपमान सह लेते हैं फिर भी लोग हमें असहिष्णु कहते हैं. ये तो नाइंसाफ़ी है जी.