इस फिल्म की कोई स्क्रिप्ट नहीं होती… विडियो के डायरेक्शन की बागडोर और कैमरा, एक ही इंसान के हाथ में होते हैं... साउंड क्वालिटी कुछ खास नहीं...

बस एक आवाज़, चीखती-चिल्लाती… उस आवाज़ के चिल्लाने में एक झूठी आशा होती है, ‘बचा लो मुझे’... लेकिन इस फिल्म की Locations ऐसी होती हैं, जहां कोई इन्हें सुन नहीं सकता है. जो सुनते हैं, वो अपने कानों को कील ठोक कर ऐसे बंद कर लेते हैं कि वहां इंसानियत झांक नहीं सकती.

ये एक Rape Video है... Rape विडियो से समझते हैं? वही जो एक Rapist अपनी Victim का बनाता है... नहीं अब इस Rapist का Thought Process बदल गया है... अब लड़की को ठिकाने लगाने या सड़क पर फेंकने के बाद वो ये विडियो अपने दोस्तों में दिखाकर मर्दानगी Display नहीं करता. आजकल ये विडियो उसका Investment है, इसे वो अच्छे मार्केट में बेचकर सही Customers तक पंहुचाता है.

(Capitalism अब सभी जगह पहुंच गया है, Rapist क्यों पीछे रहे)

ये विडियो उन सभी के लिए ‘Refreshment’ का काम करता है, जो इस Virtual दुनिया में Porn देख-देख कर थक चुके हैं, उन्हें कुछ Real माल चाहिए! इस ‘जात’ ने Google पर अब अपनी Search शिफ्ट कर दी है, ये XXX की जगह अब Rape Videos देखना चाहती है.

चुभ रहे हैं मेरे शब्द? चुभन नहीं, अभी तक आपका कलेजा मुंह को आ जाना चाहिए.

अब Business बन चुके Rape के Videos इस वक़्त उत्तर प्रदेश समेत पूरे भारत में 50 रुपये में बिक रहे हैं. 30 सेकंड से 5 मिनट के इन Videos की डिमांड ‘मार्किट में बढ़ती जा रही है’. आगरा के कासगंज मार्केट का एक दुकानदार कहता है कि, ‘ये Videos हर किसी को नहीं मिलते, इनके लिए आपके पास किसी भरोसेमंद आदमी का Reference होना चाहिए, क्योंकि अभी ‘Business’ दबे-छुपे चल रहा है. एक बार आपकी जान-पहचान हो जाए, फिर सीधे दुकानदार इसे आपके फ़ोन या पेन ड्राइव में ट्रांसफर कर देगा.’

Rape होने का कारण लड़की के कपड़े... घर से बाहर निकलने का उसका टाइम, इत्यादि कारणों को गिनाने वाले Moral Police Officers शायद अब आंखों पर पट्टियां बांध लेंगे, क्योंकि... .

कुछ दिनों पहले जब मैंने Times of India की ये रिपोर्ट पढ़ी, तो थोड़ी देर के लिए शब्द नहीं निकले मुंह से... दिमाग ये सोच-सोच कर खप रहा था कि किस में इतना गूदा है कि एक दुकान में जा कर कहे, ‘मुझे वो विडियो दो’... खैर, ऐसी सोच रखने वाली शायद सिर्फ़ मैं हूं.

हकीकत क्या है, वो आपको इंटरनेट पर मिली इस रिपोर्ट के माध्यम से समझती हूं:

UP State Crime Records Bureau की रिपोर्ट कहती है कि साल 2014-15 में रेप केस 161 फीसदी बढ़े, जबकि Attempts to Rape केस 30 प्रतिशत. अगर 2010 के बाद भारत में Rape की वारदात 22,172 से साल 2014 में 36,735 हुई हैं, तो अकेले उत्तर प्रदेश में इन्हीं सालों में 1,563 से 3,467 पहुंच गयी हैं.

पुलिस दबे मुंह कहती है कि, ‘क्रिमिनल्स ज़्यादातर ऐसा इसलिए करते हैं ताकि Victim पुलिस में शिकायत न करे. लेकिन इंस्पेक्टर साहब, अगर बलात्कारी ऐसा न भी करे, तो भी वो लड़की ‘सदेव आपके साथ’ रहने वाली पुलिस के पास जाने से डरती है. जानते हैं क्यों, वो डरती है कहीं आपके शब्द उसका दोबारा रेप न कर दें.

एक निर्जीव वो है जिसने अपनी हवस को नतमस्तक कर एक लड़की का बलात्कार कर दिया. लेकिन उससे क्रूर, निर्मम और नीच वो है जो इसे अपने Entertainment का साधन बना रहा है और वो जो इसे अपने Business का हथियार बना रहा है.

शायद कुछ दिनों में उस लड़की के फटे हुए कपड़े, उजड़े हुए बाल और ध्वस्त हो चुका विश्वास भी अपनी कीमत मांगने लगे.

Based on the report by Times of India

Featured Image Source: The Odyssey Online