स्पेन का शहर बार्सिलोना हमेशा से ही एक ख़ास शहर के रूप में अपनी मौजूदगी दर्ज कराता रहा है. स्पेन में हुई औद्योगिक क्रांति के समय भी इस शहर ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था और 1848 में स्पेन का पहला रेलवे इंफ़्रास्ट्रक्चर इसी शहर में बना था. 1992 में बार्सिलोना में हुए ओलंपिक गेम्स को हालिया समय के सबसे यादगार ओलंपिक में शुमार किया जाता है. अब 2017 में यहां एक सेक्स डॉल वेश्यालय की शुरूआत हुई है.

ल्युमीडॉल्स को फ़रवरी 2017 में शुरू किया गया है. कुछ लोगों ने मार्केट में सेक्स डॉल की डिमांड को समझते हुए एक कंपनी शुरू की. कंपनी के मुताबिक, हमारी सर्विस बेहद अलग तरह की है और इसी के चलते लोगों की उम्मीदें हमसे काफी बढ़ गई हैं. इस रोबो वेश्यालय में कई ग्राहक एक अलग तरह के अनुभव के लिए आते हैं. कई लोगों के हिसाब से इसे भविष्य के सेक्स के तौर पर भी देखा जा रहा है.

इन डॉल्स को बेहद रियल सेक्शुअल अनुभव के तौर पर प्रचारित किया जा रहा है. इन डॉल्स को बनाने के लिए थर्मोप्लास्टिक इलास्टोमर से बनाया गया है. ये पॉलीमोर अपनी कोमलता और सॉफ़्टनेस के लिए जाना जाता है. इस वेश्यालय में आधे घंटे के सेशन के लिए 70 पाउंड की राशि खर्च करनी पड़ती है, वहीं दो घंटों के सेशन की कीमत 158 पाउंड होती है. इसके अलावा होम सर्विस के लिए 210 पाउंड की राशि खर्च करनी पड़ सकती है.

यहां हाइजिन को ख़ासतौर पर प्राथमिकता दी जाती है और हर डॉल को स्पेशल एंटी बैक्टीरियल सोप से साफ़ किया जाता है. इसके अलावा ग्राहकों से अपील की जाती है कि प्रोटेक्शन के लिए कॉन्डम का इस्तेमाल ज़रूर करें. ल्युमीडॉल्स के ग्राहकों के लिए केटी, कैंडा, लिली और योको जैसी सेक्स रोबो मौजूद हैं. शुरूआत में केटी लोगों के बीच काफ़ी लोकप्रिय थी. 5 फ़ीट 6 इंच लंबी केटी के फ़ीचर्स बेहद शार्प हैं, शायद यही कारण है कि मार्केट में अपने आगमन के साथ ही वो बेहद पॉपुलर हो गई थी.

ल्युमीडॉल्स कंपनी खुलने के बाद से ही विवादों में बनी हुई है. फ़रवरी में इस कंपनी के खुलने के बाद से शहरी अधिकारियों, स्थानीय नागरिकों से लेकर एसोसिएशन ऑफ़ सेक्स प्रोफ़ेशनल्स ने इस कंपनी पर सवाल उठाए हैं. लोगों का कहना है कि एक डॉल के सहारे लोगों की सेक्शुएल ज़रूरतों को पूरा करना सही नहीं है. ये एक अलग तरह की सर्विस है. ये आपसे बातें नहीं करती, ये न तो आपकी बातें सुनती हैं और न ही आपको कंफ़र्टेबल फ़ील कराती हैं. न ही ये आपको किसी तरह की राय दे सकती है और न ही आपके साथ शैम्पेन का ग्लास पी सकती हैं.

पुलिस ने ल्युमीडॉल्स कंपनी के यहां छापा भी मारा था लेकिन भनक लगते ही कंपनी को ताला लगा दिया गया. हालांकि, ये कंपनी अब एक सीक्रेट लोकेशन पर चल रही है और इस कंपनी की वेबसाइट अभी भी एक्टिव है और अब भी इस कंपनी का व्यापार फल-फूल रहा है.

इन डॉल्स के चेहरे पर किसी तरह की अभिव्यक्ति या एक्सप्रेशन नहीं होता और इनमें से एक डॉल की आंखें तो पूरी तरह से बंद होती हैं. इनमें से ज़्यादातर डॉल्स के चेहरे बिल्कुल नीरस और परेशान दिखाई देते हैं. न ही इनकी कोई डिमांड्स होती है और न ही ये किसी तरह की बातचीत कर सकती हैं. भविष्य में इसे कुछ लोग सेक्स क्रांति के तौर पर भी देख रहे हैं और अगर ऐसा है तो यकीनन भविष्य की तस्वीर बड़ी नीरस होने जा रही है.

Source: Metro