Zindagi Calling

ताश के पत्तों सी खुलती है ज़िन्दगी... धीरे-धीरे. हंसाती है, रुलाती है ज़िन्दगी... धीरे-धीरे. जीने की प्रेरणा खुद देती है ज़िन्दगी. गौर से गर देखो, महसूस करो, तो अभी, इसी वक़्त, बुला रही है ज़िन्दगी.

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