13 बदमाश, जिनमें से 4 के हाथ में पिस्तौल और बाकियों के हाथों में डंडे और सरिये. सभी बदमाशों का एक मकसद: रात के अंधेरे में देश की सबसे बड़ी चोरी को अंजाम देना. अपने मकसद को पूरा करने के लिए सभी चोर जयपुर के रमेश मार्ग स्थित एक्सिस बैंक की चेस्ट ब्रांच में पहुंचे, जहां उन्होंने मेन गेट के गॉर्ड को रस्सी से बांध दिया.

इसके बाद वो सभी दीवार फ़ांद कर बैंक के अंदर घुसे, जहां उनका सामना 27 वर्षीय सीताराम से हुआ. सीताराम राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं. हथियारबंद बदमाशों के दीवार फ़ांद कर बैंक के अंदर घुसते समय एक ज़ोरदार आवाज़ हुई, जिसे सुनकर सीताराम बाहर आ गए. बाहर आने पर सीताराम ने देखा, तो पहले उन्हें 4-5 लोग दिखाई दिए. इसके बाद जब उन्होंने बाहर देखने की कोशिश की, तो उन्हें 10 से ज़्यादा लोग नज़र आए, जिन्होंने अपने चेहरों ढक रखा था.

सीताराम का कहना है कि 'पहले तो मैं घबरा गया फिर ख़ुद को संभालते हुए देखा तो मुझे सभी के हाथों में हथियार दिखाई दिए. इन बदमाशों ने बिल्डिंग का चैनल गेट भी खोल लिया था, जब मुझे कुछ समझ नहीं आया, तो मैंने बदमाशों को ललकारा और हवाई फ़ायर किया. बदमाशों को शायद इस बात का अंदाज़ा नहीं था कि कोई उन पर फ़ायर भी कर सकता है. इस फ़ायर से वो हड़बड़ा गए और भाग गए. इसके बाद मैं बिल्डिंग से बाहर निकला, तो देखा कि बैंक के प्राइवेट गॉर्ड प्रमोद को उन्होंने बांध दिया था. मैंने उसके हाथ-पैर खोले और उसे अंदर ले आया. इसके बाद मैंने कंट्रोल रूम को सूचना दी, जो 5 मिनट में ही बैंक में आ गई.'

बैंक अधिकारियों के मुताबिक, जिस समय बदमाश यहां घुसे थे उस समय बैंक में 926 करोड़ रुपये थे, जबकि बैंक की कैश लिमिट 650 करोड़ रुपये थी. एक सीनियर पुलिस अधिकारी का कहना है कि 'डाका डालने से पहले शायद इन बदमाशों ने यहां की रेकी की होगी, पर जिस तरह से ये डंडे और सरिये के साथ बैंक लूटने आये थे उसे देख कर यही लगता है कि इन्हें अंदर के बारे में समझ नहीं होगी.'

सीताराम की बहादुरी को सम्मानित करने के लिए बैंक ने अपनी तरफ़ से उन्हें कुछ कैश अमाउंट दिया है. इसके साथ ही राजस्थान पुलिस के अधिकारियों से भी मांग की है कि सीताराम के नाम की सिफ़ारिश करें.

सीताराम की बहादुरी को हम भी सलाम करते हैं बॉस.

Source: TOI