हर साल लाखों बच्चे UPSC का एग्ज़ाम देते हैं, लेकिन उनमें से कुछ ही बच्चे होते हैं जिनको सफ़लता मिलती है. ये बात हम सभी जानते हैं कि सरकारी नौकरियों के साथ काफ़ी सारी प्रिविलेज और सुविधाएं भी हमें नसीब होती हैं और समाज में इज्ज़त उनमें से एक है. हर साल UPSC का एग्ज़ाम देने वाले बच्चे अपनी तैयारी में कड़ी मेहनत और ख़ूब सारा डेडिकेशन झोंकते हैं. यहां तक कुछ बच्चे इस एग्ज़ाम को क्लीयर करने के लिए और सरकारी नौकरी पाने के लिए काफ़ी सारे अटेम्प्ट भी देते हैं.

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि परीक्षा की तैयारी कर रहे उन बच्चों का क्या जो ये एग्ज़ाम क्रैक भी नहीं कर पाते? कई लोग दोबारा एग्ज़ाम देने के लिए बैठते हैं और इस साइकिल को जारी रखते हैं. लेकिन ऐसे भी कई लोग हैं, जो UPSC की तैयारी छोड़ देते हैं और दूसरे ऑप्शन एक्सप्लोर करने लगते हैं. हमने पता किया UPSC का एग्ज़ाम ना क्लीयर कर पाने वाले इन 10 लोगों के बारे में कि वो अपनी ज़िन्दगी में क्या कर रहे हैं और उनके जवाब आपको बता देंगे कि इस एग्ज़ाम के परे भी एक दुनिया है. आइए आपको बताते हैं.

The Print

ये भी पढ़ें: IAS K Jaiganesh: कहानी उस वेटर की, जो 6 बार असफल हुआ पर हिम्मत नहीं हारी और पास की UPSC परीक्षा

1- ‘मैं कॉन्सेप्ट्स समझने में अच्छा था, लेकिन कई सारे सब्जेक्ट्स को याद करने में अच्छा नहीं था. मैंने तैयारी छोड़ दी और अपने एप्टीट्यूड को GMAT की तैयारी करने में इस्तेमाल किया. फिर मैं मास्टर्स के लिए देश से बाहर चला गया. कुछ साल पहले मैंने वहां से पढ़ाई पूरी की और अभी दुनिया के सबसे बड़े बैंकों में से एक में काम कर रहा हूं.” _hashdash_

iStock

2- “मैं एक टेक कंपनी में काम कर रहा हूं और मेरी एक अच्छी लिविंग है. शुक्र है कि मैं उससे निकल आया. इसके अलावा अब मैं अपने सहकर्मियों और क्लाइंट्स के सामने सभी जनरल सब्जेक्ट मैटर्स में अपनी अपार जानकारी शो ऑफ़ कर सकता हूं और उन्हें लगता है कि मेरे अंदर बहुत ज्ञान है. LOL.” romainmyname

The Consulting Report

3- “मैंने तीन बार ट्राई किया और Mains में हर बार फ़ेल हो गया. फिर मैंने हर साल बढ़ती हुई मार्जिन से प्रीलिम क्लीयर किया. मैं भी MD फार्माकोलॉजी में अपनी PG कर रहा हूं. कुछ पछतावा है, क्योंकि सच बताऊं तो मुझे सिविल सर्विसेज़ के लिए पढ़ना अच्छा लगता था और मुझे पॉलिटिकल साइंस पढ़ना और भी अच्छा लगता था. तो मैं इसे अपनी ज़िन्दगी का बंद चैप्टर समझता हूं.”Little-Platypus-8679

Matrubhumi English

4- “मैंने उसके बाद एक कोर्स किया और अब मैं इक्विटी रिसर्च में हूं. मैं जहां हूं वहां बहुत ख़ुश हूं. इसके अलावा एक सेफ्टी नेट होना मेरे लिए प्रिविलेज की बात है. कुछ साल बाद मैं पक्का इसके और अटेम्प्टस दूंगा.”Tyri0n_

Careerizma

5- “मैं अपनी रेगुलर जॉब के साथ इसकी तैयारी कर रहा था. 2-3 महीने की तैयारी के बाद रिज़ल्ट आया. मैंने कितना भी कोशिश की, लेकिन मेरे अंतर्मन ने इसे जस्टिफ़ाई नहीं करने दिया. मैंने सारा मोटिवेशन खो दिया, तैयारी ड्रॉप कर दी और वापिस अपनी रेगुलर जॉब पर फोकस करने लगा.” QuickOwl

UPSC Pathshala

ये भी पढ़ें: सफलता की कहानी: बेटी के भविष्य के लिए IAS बना एक कुली, रेलवे स्टेशन के WiFi से की UPSC की तैयारी

6- “4 अटेम्प्ट, 4 प्रीलिम्स क्लीयर किए. 2 Mains लिखे. 2 इंटरव्यूज़ क्लीयर किए. फाइनल लिस्ट में नहीं आ पाया. इसके बाद मैंने रेगुलर सरकारी नौकरी पकड़ी. ज़िन्दगी सेम नहीं है. मैंने अपने यूथ पीरियड को बर्बाद कर दिया. और अब मुझे लगता है कि मैं सिर्फ़ ठीक कर रहा हूं.” pagalguy21

Adobe Stock

7- “मैंने 3 अटेम्प्ट दिए और एग्ज़ाम नहीं क्लीयर कर पाया. मुझे वास्तव में लगा था कि ये मेरी लाइफ़ का अंत है, क्योंकि मैं हमेशा से ही आईपीएस अफ़सर बनना चाहता था. मेरे पास कोई वर्क एक्सपीरियंस नहीं था, सिर्फ़ लॉ की डिग्री थी. जो भी मैं सोचता था वो आईपीएस अफ़सर बनने के सपने से नीचे ही लगता था. मैंने फ़ैसला किया कि मेरे पास दूसरे फ़ेलियर को झेलने की हिम्मत नहीं है, तो मैंने लिटिगेशन लॉ फर्म में काम करना शुरू दिया. मैं कभी वकील नहीं बनना चाहता था, लेकिन ये हो गया क्योंकि मेरे पास उसकी डिग्री थी. और मैं 3 साल बाद ख़ुश हूं. “Electrical_Series916

iStock

8- मेरे पास UPSC के लिए फुल टाइम चार साल प्रिपेयर करने से पहले सॉफ्टवेर डेवलपर का एक साल का एक्सपीरियंस था. एक साल पहले, मुझे एहसास हुआ कि मेरी ज़िन्दगी बदतर होती जा रही है और मैंने इसे छोड़ दिया. मैंने कुछ समय के लिए SDE इंटर्न के रूप में अपनी शुरुआत की, क्योंकि इंटरव्यूज़ को क्लीयर करने का मेरे पास कॉन्फिडेंस नहीं था. स्टार्टअप को मेरा काम पसंद आया और ठीक सैलरी पर उन्होंने मुझे हायर कर लिया. इसने मेरे अन्दर का कॉन्फिडेंस वापिस लाया, जो UPSC की तैयारी करने के दौरान कहीं खो गया था. स्टार्टअप एक फंडिंग राउंड से होकर गुज़रा और अब मुझे काफ़ी अच्छा अमाउंट मिलता है.” Specialist_Might_901

Depositphotos

9- “मैंने अपना ख़ुद का बिज़नेस शुरू किया और हालांकि मेरी नेट इनकम लो साइड पर है, जब मैं अपने दोस्तों को देखता हूं. लेकिन मेरा अभी ग्रो करने वाला फेज़ चल रहा है. अगर मैं पीछे देखूं तो मैं ख़ुश हूं कि मैं UPSC नहीं निकाल पाया और ये मैं इसलिए बिल्कुल भी नहीं कह रहा, क्योंकि मैं ख़ुद को अच्छा फ़ील करवाना चाहता हूं.”nmfgn

Freepik

10- “मैंने तीन बार UPSC ट्राई किया, लेकिन कोई लक हासिल नहीं हुआ. मुझे लगा कि एक बेवकूफ़ी भरे एग्ज़ाम पर बार-बार मेहनत और वक़्त बर्बाद करना मैं अपनी ज़िन्दगी के प्राइम पीरियड पर नहीं चाहता. मैंने पिछले साल IIM में एक MBA प्रोग्राम के लिए ख़ुद को एनरोल किया है.”Augestya

ET Government