खुद को स्वयं 'सत्य का प्रतीक' घोषित करने चुके आध्यात्मिक गुरु जग्गी वासुदेव 'सद्गुरु' ने बीते शनिवार कंगना रनौत से काफ़ी देर चर्चा की. इस इंटरव्यू के दौरान बॉलीवुड क्वीन कंगना ने देश में गौरक्षा के नाम पर हो रही मॉब लिंचिंग, गौ-हत्या की घटनाओं को लेकर अपने विचार व्यक्त किये. इस दौरान उन्होंने ये भी कहा कि ग़ैरक़ानूनी तरीके से किसी को भी 'सज़ा' देना आमनवीय है.

इस शो में कंगना को सद्गुरु जी से देश में घटित हो रही आमनवीय घटनाओं पर सवाल करने के लिए बुलाया गया था. किसी के लिए भी ये स्पष्ट रूप से मुश्किल काम है जबकि उसको पता हो कि सद्गुरु का काम ही लोगों को ज्ञान देना है.

शायद यही वजह रही होगी कि इस चर्चा के दौरान कुछ हैरान और परेशान करने वाली स्थिति भी बन गई. लेकिन कंगना ने सद्गुरु के सामने भी अपनी बेबाक और बिंदास इमेज को ही बनाये रखा. जैसे,

अगर कोई इंडिया की बेईज्ज़ती करेगा, तो कंगना उसकी पिटाई भी कर सकती हैं.

उस दौरान उदारवादिता भी थी और उदारवादी पर प्रहार भी था.

मॉब लिंचिंग के बीच में अचानक से सीरिया की बात भी उठी.

कंगना ने साफ़ कर दिया कि वो ऑनस्क्रीन एक गाय को बचाने में सक्षम नहीं हो पाने के बहुत परेशान हैं.

आप गाय को बचाना चाहते हैं लेकिन जब मॉब लिंचिंग जैसी घटनाएं होती हैं, तो आप बेवकूफ लगते हैं.

इंटरव्यू के बीच में अचानक ही उदारवादियों के बारे में बात होने लगती है.

सेना के जवानों की बातें भी होती हैं, कि उदारवादी सैनिकों की नौकरी चुरा रहे हैं.

लिंचिंग के लिए सद्गुरु जी के कुछ अस्पष्ट विचार थे कि यह भारत है, यार!

कंगाना मवेशीयों से जुड़े अपने फ़ैक्ट्स को पूरी तरह जानती हैं.

बढ़ती आबादी पर भी एक समझदारी वाली बात हुई बीच में.

उसके बाद फिर शुरू हुई आध्यात्मिकता पर चर्चा...

ये समझना थोड़ा मुश्किल था कि इस इंटरव्यू में दोनों का मकसद क्या था? मॉब लिंचिंग, आध्यात्मिकता या फिर गोरक्षा...

पर जो भी कंगना ने इस इंटरव्यू में अपनी बात रखी और साथ-साथ अपनी आने वाली फ़िल्म 'मणिकर्णिका' की चर्चा भी की, जिसमें वो रानी लक्ष्मीबाई के किरदार में नज़र आएंगी.

यहां पर आप पूरा वीडियो देख सकते हैं: