कुछ महीने पहले ट्विटर पर अज़ान को लेकर की गई टिप्पणी की वजह से मशहूर गायक सोनू निगम की काफ़ी आलोचना हुई थी. ये विवाद एक समय इतना बढ़ गया था कि सोनू निगम ने भरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने बाल तक मुंडवा लिए थे.

आज तक के 'मंथन' कॉन्क्लेव में शामिल हुए सोनू निगम ने इसी मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि 'असल में मुद्दा मेरे ऑफ़िस में लगे लाउड स्पीकर को लेकर शुरू हुआ था, पर जब मैंने इस पर अपनी राय रखी, तो विरोध के रूप में उन्होंने मेरे घर के पास एक लाउड स्पीकर लगा दिया. ये हर नागरिक का अधिकार है कि वो किसी की राय के प्रति अपना विरोध करे. ट्विटर पर अज़ान के बारे में बात करते हुए मंदिर और गुरूद्वारे को भी शामिल किया था, पर लोगों ने सिर्फ़ अज़ान को तवज्जो दी और एक ख़ास धर्म को लेकर मुझे निशाना बनाया गया.'

राष्ट्रगान के मुद्दे पर बात करते हुए सोनू ने कहा कि 'अगर पकिस्तान में कहीं राष्ट्रगान होता है, तो सभी पाकिस्तानी बेझिझक खड़े होते जाते हैं. मैं भी उन लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए खड़ा हो जाऊंगा, पर अपने देश में ही कुछ ऐसे लोग हैं, जो राष्ट्रगान को लेकर बहस छेड़े हुए हैं. कुछ लोगों का कहना है कि उस जगह (सिनेमाघर) में राष्ट्रगान होना चाहिए, जबकि कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं.' सोनू ने आगे कहा कि 'राष्ट्रगान एक बहुमल्य और संवेदनशील मुद्दा है मेरा मानना है कि इसे सिनेमाघर और होटल जैसी जगहों से दूर रखना चाहिए.'

इसी के साथ सोनू ने अपनी बात में जोड़ा कि 'मैं अपने माता-पिता की बहुत इज़्ज़त करता हूं, जब मुझे पता है कि किसी ख़ास जगह पर कोई उनकी इज़्ज़त नहीं करेगा, तो मैं उन्हें वहां लेकर ही नहीं जाऊंगा. ऐसा ही बिलकुल राष्ट्रगान के साथ भी है, जिस जगह पर उसकी इज़्ज़त न हो, हमें उस जगह से उसे दूर रखना चाहिए. अगर किसी जगह राष्ट्रगान होता भी है, तो उसका सम्मान करने में हमें भी कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए.'

इस बार सोनू जिस तरह से बोल रहे थे, ऐसा लगा रहा था कि पूरी तैयारी के साथ यहां पहुंचे थे.

Source: HindustanTimes