हम अक़सर सोचते हैं कि काश हम भी सेलिब्रिटीज़ वाली ज़िंदगी जी पायें. पर क्या कभी ये सोचा है कि सेलिब्रिटीज़ भी हमारे जैसी ज़िंदगी जीने की चाह रखते हैं. बतौर पब्लिक फ़िगर कोई भी स्टार बिना सिक्योरिटी बाहर क़दम रखने की नहीं सोच सकता है. ख़ास कर अपने देश का प्रतिनिधित्व करने वाले क्रिकेटर्स.

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देश-दुनिया में क्रिकेट को लेकर लोगों की दीवानगी देखते हुए उनके चेहते खिलाड़ियों को कहीं भी जाने से पहले 10 बार सोचना पड़ता है. ख़ैर, वो भी तो इंसान ही हैं. उन्हें भी खुल कर जीने का हक़ है, लेकिन क्या करें. ऐसे बाहर जा भी तो नहीं सकते. इसलिये कई खिलाड़ियों को अपनी इच्छा पूरी करने के लिये भेष बदल कर बाहर निकलना पड़ा.  

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कई लोगों को शायद यकीन न हो, इसलिये सबूत भी लाये हैं.

1. ब्रेट ली

2018 में Indian Premium League के दौरान तेज़ गेंदबाज़ ब्रेट ली भी एक साधु के रूप में बाहर आ गये थे. उनका हुलिया देख कर पहचानना मुश्किल था कि वो ब्रेटी ली हैं. बाबा के रूप में ब्रेट ली ने बाहर ताज़ी हवा का आनंद लिया और बच्चों के साथ जम कर मस्ती भी की है. जो लोग तेज़ गेंदबाज़ का वीडियो नहीं देख पाये हैं, वो अब देख लें.

2. सौरव गांगुली

प्रिंस ऑफ़ कोलकाता के नाम मशहूर दादा ने दुर्गा पूजा में शामिल होने के लिए अपना पूरा हुलिया बदल लिया था. दादा के मुताबिक, पूजा में शामिल होने के लिये वो दाढ़ी और पगड़ी लगा कर सिख बन गये थे. इस बात का ख़ुलासा दादा ने अपनी किताब A Century Is Not Enough (2018) में किया है. हांलाकि, मेकअप के बाद भी कार में बैठते समय एक पुलिस वाले ने उन्हें पहचान लिया था. पर दादा के कहने पर पुलिसवाले ने इस बात को सीक्रेट ही रखा.

Saurav Ganguly
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3. यूसुफ़ पठान

Nissan India के विज्ञापन में आप देख सकते हैं कि कैसे यूसुफ़ पठान प्रैक्टिस कर रहे क्रिकेटर्स के बीच पहुंचते हैं. यूसुफ़ पठान को देख कर एक पल के लिये भी ऐसा नहीं लगा कि वो देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी हैं. जब उन्होंने अपने नकली बाल और मेकअप हटाया, तो ग्राउंड पर मौजूद हर शख़्स चकित रह गया.

4. मैथ्यू हेडन

कहते हैं कि एक बार शेन वार्न ने मैथ्यू हेडन को 1000 रुपये के अंदर कुछ चीज़ें ख़रीदने का चैलेंज दिया था. चैलेंज जीतने के लिये वो हुलिया बदल कर बाज़ार में लुंगी, शर्ट और घड़ी ख़रीदने के लिये मार्केट गये थे. ये 2019 की बात है जब वो चेन्नई के टी-नगर मार्केट में ख़रीददारी करने गये थे.

5. शैफ़ाली वर्मा

आपको जानकार हैरानी होगी कि महिला क्रिकेट टीम में शामिल होने से पहले शैफ़ाली वर्मा ने अपने भाई की जगह लेकर खेला था. शैफ़ाली का भाई बीमारी था. इसलिये उन्होंने उसकी जगह खेलने का निर्णय लिया. यही नहीं, वो 'मैन ऑफ़ द मैच' और 'मैन ऑफ़ द सीरीज' भी बनी थीं.

ये क्रिकेटर्स भी न कमाल करते हैं. बाहर घूम लिया और किसी को भनक भी नहीं पड़ने दी.