भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कई ऐसे खिलाड़ी भी हुए हैं, जिन्हें सही समय पर सही मौके मिले होते तो आज कहीं और ही होते. इनकी किस्मत भी टीम इंडिया में खेल चुके खिलाड़ियों जैसी होती तो उनके नाम के आगे भी स्टार भारतीय क्रिकेटर लिखा होता. मगर घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बावजूद इन खिलाड़ियों को टीम इंडिया में मौक़ा नहीं मिल पाया. 

आज हम आपको घरेलू क्रिकेट के ऐसे ही 5 दमदार खिलाड़ियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके नाम शायद ही आपने सुने भी होंगे- 

1- राजिंदर गोयल 

घरेलू क्रिकेट का वो स्टार जिसकी गेंदबाज़ी से सुनील गावस्कर जैसे चैंपियन बल्लेबाज़ भी घबराते थे. बाएं हाथ के स्पिनर राजिंदर गोयल घरेलू क्रिकेट में सर्वाधिक 637 विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज़ हैं. मगर बदकिस्मती ऐसी कि फ़र्स्ट क्लास क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन करने के बावजूद उन्हें भारतीय टीम की नीली जर्सी पहनने का मौका तक नहीं मिला. 

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2- अमोल मजूमदार 

अगर किस्मत को मंज़ूर नहीं है तो आप लाख जतन कर लें, सफ़लता नहीं पा सकते हैं. कुछ ऐसा मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट खेल चुके अमोल मजूमदार के साथ भी हुआ. सचिन, कांबली, द्रविड़, लक्ष्मण और गांगुली जैसे महान खिलाड़ियों के साथ खेल चुके अमोल ने साल 1993 में मुंबई की ओर से हरियाणा के ख़िलाफ़ डेब्यू मैच में 260 रनों की पारी खेली थी. 21 साल लंबे करियर में अमोल ने 30 रणजी शतकों के साथ कुल 11167 रन बनाए. 

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3- आशीष विंस्टन जैदी 

इस नाम से भले ही क्रिकेट फ़ैंस अंजान हों, लेकिन इस क्रिकेटर को भारतीय टीम में जगह मिल जाती तो निश्चित ही भारत को एक बेहतरीन ऑलराउंडर मिल गया होता. आशीष ने यूपी के लिए फ़र्स्ट क्लास क्रिकेट के 110 मैचों में 378 विकेट और 1560 रन बनाए हैं. उनकी गिनती आज भी यूपी के सबसे सफ़ल गेंदबाज़ों में की जाती है. बावजूद इसके उन्हें भी इंडियन टीम की जर्सी पहनने का मौका नहीं मिला. 

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4- जलज सक्सेना 

वर्तमान घरेलू क्रिकेट में अगर किसी प्रतिभावान आलराउंडर की बात करेंगे तो जलज सक्सेना का नाम सबसे ऊपर होगा. घरेलू क्रिकेट में 6000 रन और 300 विकेट का रिकॉर्ड बनाने वाले इस खिलाड़ी को आज तक टीम इंडिया में एंट्री नहीं मिल पाई है. जलज पिछले 4 रणजी ट्रॉफ़ी सीजन में लगातार चार बार बेस्ट ऑलराउंडर का पुरस्कार (लाला अमरनाथ अवॉर्ड) जीत चुके हैं. 

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5- देवेंद्र बुंदेला 

मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली क्रिकेटर रहे देवेंद्र बुंदेला ने 22 साल रणजी क्रिकेट को दिए. बुंदेला ने अपने फ़र्स्ट क्लास क्रिकेट करियर में 164 मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 261 पारियों में सबसे ज़्यादा 32 बार नॉट आउट रहते हुए 26 शतकों और 54 अर्धशतकों की मदद से 10,004 रन बनाए हैं. इसके अलावा उन्होंने 103 कैच भी पकड़े हैं, ये एक रिकॉर्ड है. बावजूद इसके उन्हें भी इंडियन टीम की जर्सी पहनने का मौका नहीं मिला. 

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