भारतीय क्रिकेट टीम इस समय दुनिया की नंबर एक टेस्ट टीम है. 'वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप' में भी भारत सभी 6 मैच जीतकर सर्वाधिक 300 अंकों के साथ टॉप पर काबिज़ है. जबकि दूसरे नंबर की टीम न्यूज़ीलैंड के मात्र 60 अंक हैं.

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पिछले दो दशकों की बात करें तो भारत को भारत में हराना नामुमकिन सा हो गया है. दुनिया की हर टीम इसी उम्मीद के साथ भारत दौरे पर आती है. लेकिन उन्हें यहां से खाली हाथ लौटना पड़ता है.

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साल 2000 से लेकर 2010 तक भारत की भारत में सबसे मज़बूत कड़ी स्पिन गेंदबाज़ी हुआ करती थी. लेकिन आज घरेलू मैदान पर भारत की सबसे मज़बूत कड़ी तेज़ गेंदबाज़ी बन चुकी है. यही कारण है कि टीम इंडिया अब सिर्फ़ भारत में ही नहीं विदेशों में भी जीत हासिल करने लगी है. .

1 टेस्ट मैच और 7 शतक

अब बात करते हैं साल 2010 में भारत और दक्षिण अफ़्रीका के बीच खेले गए एक ऐतिहासिक टेस्ट मैच की. कोलकाता के ईडन गार्डन में खेले गए इस मैच में एक ऐसा रिकॉर्ड बना जब दोनों ही टीमों के बल्लेबाज़ों ने कुल मिलाकर 7 शतक लगाए. ये अपने आप में एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है.

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इस टेस्ट मैच की पहली पारी में दक्षिण अफ़्रीका की ओर से एल्विरो पीटरसन व हाशिम आमला ने शतकीय पारी खेली थीं. इस दौरान पीटरसन ने 100 जबकि आमला ने 114 रन बनाये. इन शतकों की बदौलत दक्षिण अफ़्रीका ने पहली पारी में कुल 296 रन बनाए.

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अब बारी भारतीय बल्लेबाज़ों की थी. भारत ने अपनी पहली पारी में ओपनर वीरेंद्र सहवाग 165 रन, सचिन तेंदुलकर 106 रन, वीवीएस लक्ष्मण नाबाद 143 रन और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की नाबाद 132 रनों की शतकीय पारियों के दम पर 643 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया. इस तरह भारत ने पहली पारी में दक्षिण अफ़्रीका पर 347 रनों की बढ़त हासिल की.

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अब दूसरी पारी में दक्षिण अफ़्रीकी टीम प्रेशर में थी. इसी प्रेशर में पूरी टीम 290 रनों पर ढेर हो गयी. इस दौरान भी हाशिम आमला ने 123 रनों की शानदार पारी खेली. हरभजन सिंह (5/59) की शानदार गेंदबाज़ी के सामने आमला के अलावा दक्षिण अफ़्रीका का कोई भी अन्य बल्लेबाज़ टिक नहीं पाया. इस पारी में 23 रन दक्षिण अफ़्रीकी बल्लेबाज़ों का दूसरा टॉप स्कोर था.

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इस तरह से भारत ने इस टेस्ट मैच में इनिंग और 57 रनों से शानदार जीत हासिल की. टेस्ट क्रिकेट इतिहास में ये मैच इसलिए भी याद किया जायेगा क्योंकि इस दौरान दोनों टीमों के बल्लेबाज़ों ने कुल मिलाकर 7 शतक जड़े.