पूर्व भारतीय कप्तान व वर्तमान में बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने रवि शास्त्री के भविष्य को लेकर चेतावनी दे दी है. क्रिकेट मैदान हो या फिर मैदान से बाहर दादा हमेशा से ही अपनी बेबाक राय रखने के लिए जाने जाते हैं.

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शुक्रवार को कोलकाता में इंडिया टुडे के 'ईस्ट कॉन्क्लेव' के दौरान दादा ने साफ़ तौर पर संकेत दे दिए हैं कि चाहे वो खिलाड़ी हो या कोच या फिर कोई कोचिंग स्टाफ़ जो अच्छा काम करेगा उसे सम्मान मिलेगा. जो अपना काम सही से नहीं कर पाएगा उसकी जगह कोई और लेगा.

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बता दें कि इसी साल भारत के मुख्य कोच के रूप में रवि शास्त्री का कार्यकाल 2 साल के लिए बढ़ा दिया गया था. उनका कार्यकाल इसी साल अगस्त में वेस्टइंडीज दौरे के बाद समाप्त हो गया था. कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक़ शास्त्री फ़िलहाल 2021 'टी-20 वर्ल्ड कप' तक टीम इंडिया के कोच बने रहेंगे.

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साल 2017 में टीम इंडिया के कोच के लिए आवेदन पत्र भरने को लेकर दादा व शास्त्री के बीच खटपट हो गयी थी. इस दौरान दादा ने शास्त्री द्वारा विदेश में बैठकर कोच पद के लिए आवेदन पत्र भरने को लेकर सवाल उठाए थे.

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भारतीय क्रिकेट टीम को फ़र्श से अर्श तक पहुंचाने का श्रेय सौरव गांगुली उर्फ़ दादा को ही जाता है. दो दशक पहले जब भारतीय टीम मुश्किल दौर से गुज़र रही थी उस वक़्त बीसीसीआई ने दादा को भारतीय टीम की जिम्मेदारी सौंपी थी. वो गांगुली ही थे जिन्होंने नए खिलाड़ियों को मौक़ा देकर भारतीय टीम की दिशा व दशा ही बदल दी.

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पिछले कुछ सालों से बीसीसीआई की साख काफ़ी ख़राब हुई है. टीम में भी डिसिप्लिन सबसे बड़ी समस्या बनती जा रही थी. बीसीसीआई व विनोद राय के बीच भी लगातार मतभेद रहे हैं. ऐसे में बीसीसीआई चीफ़ के तौर पर सौरव गांगुली से बेहतर विकल्प कोई और हो ही नहीं सकता था.

सौरव गांगुली जिस चीज़ के लिए जाने जाते हैं बीसीसीआई चीफ़ बनते ही वो दिखने भी लगा है.