भारतीय हैं और क्रिकेट फ़ैन हैं, तब आपको 2017 की चैंपियंस ट्रॉफ़ी याद होगी. सभी क्रिकेट भारतीय टीम की जीत को लेकर निश्चिंत थे. 1983 के वर्ल्ड कप फ़ाइनल में भी ऐसा हुआ था, सब मान कर चल रहे थे कि करेबियाई टीम बस खानापूर्ती के लिए मैदाम में उतर रही है, नतीज़ा हमे पता है.

खेल की भाषा में ऐसे मौकों को 'अपसेट' कहते हैं, जब दर्शकों का चहेता खिलाड़ी या टीम को हार का सामन करना पड़ता है, एक कमज़ोर विपक्ष के सामने. ऐसे अपसेट ही खेल के रोमांच को बढ़ाते हैं और इतिहास का सबसे बड़ा अपसेट इस बॉक्सिंग मैच को माना जाता है.

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माइक टायसन, बॉक्सिंग के दुनिया के बादशाह. WBC, WBA और IBF के बेल्ट इनके पास थे, साथ में था कई विवादों में इनका नाम. इस 5 फुट10 इंच के मुक्केबाज़ के सामने बड़े बड़े खिलाड़ियों ने मुंह की खाई थी.

दूसरा नाम है बस्टर डगलस का, मिलाजुला करियर था. कुछ जीत हासिल कीं, कुछ हार मिलीं. 6 फुट 4 इंच लंबे इस खिलाड़ी को Ring Magzine हेवीवेट श्रेणी में 7वां स्थान दिया था.

Tyson Is Back

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जिस मैच की हम बात कर रहे हैं, वो जापान के टोक्यो में खेला गया था. मैच का नाम था- Tyson Is Back. नाम से ज़ाहिर है कि मैच के टिकट किसके नाम से बेचे गए होंगे. सामने वाले खिलाड़ी के मनोविज्ञान पर इसका क्या असर पड़ा होगा.

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तारीख़ थी 11 फरवरी, 1990 की... इस मैच से पहले वाले मैच में टायसन ने विपक्षी मुक्केबाज़ को मात्र 93 सेकेंड में नॉकआउट कर दिया था. उस मैच को इस मैच का रिहर्सल माना जाता है. उधर डगलस ने अपना आख़िरी मैच तीन साल पहले लड़ा था, उसमें भी हार मिली थी.

इतिहास का सबसे बड़ा उलटफेर

टायसन को प्रशंसक चाहते थे कि यह मैच भी रिकॉर्ड टाइम में ख़त्म हो जाए. लेकिन ऐसा नहीं हुआ, उल्टे डगलस टायसन के सामने निर्भीक खड़े रहे.

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यहां तक की आठवें राउड तक दोनों खिलाड़ियों का स्कोर लगभग बराबर ही था. आठवें राउंड के ख़त्म होने से पहले टायसन का पंच डगल्स को पड़ा और वो रिंग पर औंधे मुंह गिर गए. रेफ़री ने गिनती शुरू कर दी, दस तक की गिनती होने से पहले डगलस बची-खुची हिम्मत बटोर कर अपने पैरों पर खड़े हो गए. टायसन दोबारा मुक्के बरसाने डगलस की ओर बढ़ ही रहे थे कि घंटी बजी और आठवीं राउड समाप्त हो गई, डगलस को फौरी राहत मिली.

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तय हो गया था कि नौवे राउंड में लोगों को वही टायसन और अंदाज़ देखने को मिलेग, जिसे वो जानते थे, जिसके वो फ़ैन थे. घंटी बजी, नौवें राउंड की शुरुआत हुई.

टायसेन शुरुआत से डगलस पर हावी होने की कोशिश कर रहे थे. दोनों खिलाड़ी एक दूसरे के समीप खड़े हो कर मुक्के बरसा रहे थे, तभी डगलस का पंच माइकल के मुंह पर पड़ा. जब तक टायसन कुछ समझ पाते और संभल पाते दूसरा, तीसरा और चौथा पंच भी टायसन के मुंह पर था.

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दस की गिनती हुई और दुनिया ने खेल इतिहास का सबसे बड़ा उलटफेर देखा. बस्टर डगलस को भी ख़ुद पर भरोसा नहीं हो रहा था, मैच की समाप्ती पर विश्व के सबसे बड़े मुक्केबाज़ को हराने वाला खिलाड़ी अपने आंसुओं को रोक न पाया.

मैच में हारने के बावजूद माइक टायसन को 6 मिलियन डॉलर का भुगतान किया गया और विजेता जगलस को 1.3 मिलियन डॉलर मिले.