धोनी इंडियन क्रिकेट टीम का वो खिलाड़ी है, जिसके बिना टीम इंडिया अधूरी लगती है. जैसे पहले सचिन तेंदुलकर को लेकर कहा जाता था कि कैसा होगा इंडियन क्रिकेट, अगर उसमें सचिन नहीं खेलेंगे, तो ऐसा ही कुछ कहा जाता है धोनी के लिए भी. हाल ही में सचिन ने अफ़गानिस्तान के ख़िलाफ़ धोनी के स्लो खेलने को लेकर उनकी आलोचना की थी. लेकिन बांग्लादेश से हुए मैच में उनका सपोर्ट भी किया था.

Source: Times Now

इसमें कोई शक नहीं है कि धोनी महान बैट्समैन हैं. लेकिन आजकल स्लो खेलने के चक्कर में ट्रोल हो रहे हैं. धोनी के साथ कुछ ऐसा हो गया है कि अगर धोनी एक भी मैच अच्छा न करे, तो लोग धोनी को रिटायरमेंट लेने की सलाह देने लगते हैं.

Source: India Today

हाल ही में एक मीडिया हाउस की धोनी के साथ हुई बातचीत में, जब उनसे रिटायरमेंट के बारे में पूछा गया, तो धोनी ने कहा...

" मुझे नहीं पता कि मैं कब रिटायरमेंट लूंगा..."

" लेकिन कुछ लोग चाहते हैं कि मैं अगले मैच से पहले ही रिटायरमेंट ले लूं..."

धोनी का ये बोलना कि उन्हें नहीं पता कि वो कब रिटायरमेंट लेंगे. 2 चीज़ें बताता है... कि हो सकता है कि वो वर्ल्डकप बाद ही रिटायरमेंट ले लें... या फिर जब तक वो अच्छा खेल रहे हैं.. तब तक वो खेलते रहेंगे. हालांकि उनके करीबी लोग बताते हैं कि धोनी चाहते हैं कि वो अगले साल यानी 2020 में होने वाला T-20 वर्ल्डकप खेलें. वहीं कुछ करीबी ये भी कहते हैं कि धोनी अभी इस दुविधा में है कि वो क्या करें?

विराट हो या कोई और प्लेयर, या टीम इंडिया का कोई स्टाफ़, सभी हमेशा धोनी को सपोर्ट करते आए हैं. कैप्टन विराट तो हमेशा से कहते आए हैं कि "धोनी का मैदान पर होना टीम के लिए हमेशा फ़ायदेमंद होता है. धोनी आज भी उनके लिए कैप्टन है."

Source: India Today

बता दें कि इस वर्ल्डकप में श्रीलंका के मैच से पहले धोनी ने 44.60 की औसत से 223 रन बनाए हैं. जिसमे उनका स्ट्राइक रेट 93.30 का रहा है.