आख़िरकार टीम इंडिया के सबसे सफ़ल कप्तानों में से एक सौरव गांगुली ने आज मुंबई में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के नए अध्यक्ष का पद संभाला लिया है. आज से भारत के सबसे दबंग कप्तान दादा की दादागिरी बीसीसीआई हेडक़्वार्टर में चलेगी.

सौरव गांगुली निर्विरोध बीसीसीआई के 39वें अध्यक्ष के तौर पर चुने गए हैं. गांगुली के अध्यक्ष बनते ही ढाई साल पहले बनी सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित प्रशासकों की समिति (सीओए) भी भंग हो गई. वो इस पद पर जुलाई 2020 बने रहेंगे.

अमित शाह के बेटे जयेश बने सचिव

गृह मंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह ने सचिव, जबकि वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर के छोटे भाई अरुण धूमल ने कोषाध्यक्ष का पद संभाला. वहीं उत्तराखंड के महिम वर्मा उपाध्यक्ष जबकि केरल के जयेश जॉर्ज संयुक्त सचिव बने.

दादा 10 महीने तक बने रहेंगे अध्यक्ष

सौरव गांगुली सिर्फ़ 10 महीने के लिए ही बीसीसीआई के अध्यक्ष बने हैं. ऐसे में उनका कार्यकाल जुलाई 2020 तक ही है. गांगुली साल 2014 में 'बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन' (कैब) के अध्यक्ष बने थे.

'लोढ़ा कमेटी' की सिफ़ारिशों के मुताबिक़ कोई भी शख़्स राज्य या बीसीसीआई में लगातार 6 साल से अधिक समय तक कार्यरत नहीं रह सकता है. कार्यकाल समाप्त होने के बाद दादा को 3 साल के कूलिंग पीरियड पर जाना होगा. इसका मतलब ये कि वो 3 साल तक राज्य या बीसीसीआई में किसी भी पद पर नहीं रह सकते.

सीओए के पूर्व प्रमुख विनोद राय ने कहा कि सौरव गांगुली के अध्यक्ष बनने से हम संतुष्ट हैं. हमारा काम संविधान को लागू करना था. संविधान के तहत ही हमने बीसीसीआई के चुनाव करवाए. हमें सुप्रीम कोर्ट से जो भी आदेश मिले थे, हमने पूरी तरह से उनका पालन किया.

बीसीसीआई के नए अध्यक्ष का पद संभालने के बाद सोशल मीडिया पर दादा को लोग बधाई दे रहे हैं-