भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज़ वीबी चंद्रशेखर का गुरुवार रात 57 साल की उम्र में निधन हो गया है. चंद्रशेखर भारत की तरफ़ से घरेलू क्रिकेट में सबसे तेज शतक ठोकने वाले क्रिकेटर थे.

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पुलिस के मुताबिक़, ये आत्महत्या का मामला लग रहा है क्योंकि चंद्रशेखर को अपने कमरे में सीलिंग फ़ैन से लटके मिले. चंद्रशेखर ने कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा.

जांच अधिकारी सेंथिल मुरुगन के मुताबिक़ चंद्रशेखर की पत्नी सौम्या ने पुलिस को बताया कि गुरुवार शाम चंद्रशेखर घरवालों के साथ चाय पीने के बाद 5:45 के करीब अपने कमरे में चले गए. इसके बाद वो काफ़ी देर तक बाहर नहीं निकले, इस पर पत्नी और बच्चों ने उनके कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई. इसके बाद उन्होंने खिड़की से झांककर तो चंद्रशेखर छत से लटके हुए थे.

चंद्रशेखर की पत्नी सौम्या ने पुलिस को बताया कि मुरुगन पिछले कुछ समय से क्रिकेट व्यवसाय में हुए नुकसान के कारण परेशान थे. यही उनकी मौत का कारण हो सकता है.

चंद्रशेखर भारत के लिए साल 1988 से 1990 के बीच महज 7 वनडे मैच ही खेल पाए. जिनमें उन्होंने सिर्फ़ 88 रन बनाए. न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ 53 रन की पारी उनकी सबसे बड़ी पारी रही.

तमिलनाडु के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले चंद्रशेखर को विस्फ़ोटक बल्बेबाज़ के तौर पर जाना जाता था. साल 1988 में 'रेस्ट ऑफ़ इंडिया' के ख़िलाफ़ खेलते हुए उन्होंने महज 56 गेंदों पर ताबड़तोड़ शतक जमाया था. फ़र्स्टक्लास क्रिकेट में भारत की तरफ़ से लगाया गया ये सबसे तेज़ शतक था. उनका ये रिकॉर्ड कई सालों तक कायम रहा.

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तमिलनाडु को साल 1987-88 में रणजी ट्रॉफ़ी चैंपियन बनाने में चंद्रशेखर ने अहम भूमिका निभाई थी. क्वार्टर फ़ाइनल मुकाबले में उन्होंने यूपी के ख़िलाफ़ 160 रन जबकि फ़ाइनल में रेलवे के ख़िलाफ़ 89 रनों की अहम् पारियां खेली थीं.

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चंद्रशेखर घरेलू क्रिकेट के बड़े खिलाड़ी माने जाते थे. कुल 81 फ़र्स्टक्लास मुकाबलों में उन्होंने 43.09 की औसत से 4999 रन बनाए. नाबाद 237 रन की पारी उनके करियर की सबसे बेहतरीन पारी रही.

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क्रिकेट करियर ख़त्म होने के बाद चंद्रशेखर कोचिंग और कमेंट्री करने लगे थे. चंद्रशेखर ने 'इंडियन प्रीमियर लीग' में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली 'चेन्नई सुपर किंग्स' के क्रिकेट मैनेजर के तौर पर भी काम किया. वह पहले तीन संस्करणों के दौरान आईपीएल टीम चेन्नई सुपर किंग्स के प्रबंधक भी रहे.

चंद्रशेखर कुछ समय के लिए राष्ट्रीय चयनकर्ता के रूप में भी कार्य किया था. वर्तमान में वीबी 'तमिलनाडु प्रीमियर लीग' की 'कांची वीरन' टीम के मालिक भी थे. क्रिकेट उनके लिए सब कुछ था इसीलिए उन्होंने चेन्नई में एक अत्याधुनिक क्रिकेट अकादमी भी खोली थी.

चंद्रशेखर के आकस्मिक निधन उनके करीबी मित्र और भारत के पूर्व कप्तान के. श्रीकांत ने कहा 'ये मेरे लिए एक बड़ा झटका है. मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा है कि वीबी अब हमारे बीच नहीं है. वो एक उच्च स्तर के आक्रमक बल्लेबाज़ थे लेकिन दुर्भाग्य से वो भारत के लिए ज़्यादा नहीं खेल सके. हम दोनों ने साथ ख़ूब क्रिकेट कमेंट्री की'.