साल 2019 में कैलिफ़ॉर्निया में 'जूनियर वर्ल्ड गोल्फ़ चैंपियनशिप' जीतने वाले भारत के युवा गोल्फ़र अर्जुन भाटी ने कोरोना वायरस पीड़ितों की मदद के लिए देश-विदेश में जीती अपनी 102 ट्रॉफ़ी और मेडल बेच दिए. इनसे मिले 4.3 लाख रुपयों को अर्जुन ने प्रधानमंत्री केयर फ़ंड में दान कर दिए.

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अर्जुन की सबसे महंगी ट्रॉफ़ी 21,000 की बिकी है. ये वही ट्रॉफ़ी थी जिसे उन्होंने पिछले साल कैलिफ़ॉर्निया में हुई 'जूनियर वर्ल्ड गोल्फ़ चैंपियनशिप' के दौरान जीती थी.

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अर्जुन ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा-

आपको नमस्कार! पिछले 8 सालों में देश-विदेश से जीतकर कमाई हुई 102 ट्रॉफ़ी संकट के समय मैंने 102 लोगों को दे दीं. उनसे आए हुए कुल 4,30,000 रुपये पीएम-केयर्स फ़ंड में देश की मदद के लिए दे दिए हैं. ये सुनकर मेरी दादी ख़ूब रोईं, फिर बोलीं कि तुम सच में अर्जुन हो. आज देश के लोग बचने चाहिए, ट्रॉफ़ी तो फिर से आ जाएगीं.

खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने गोल्फ़र अर्जुन भाटी के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा- एक अद्भुत योगदान.

सेविंग्स के 1 लाख रुपये भी किये दान

ट्रॉफ़ी और मेडल को बेचकर 4.3 लाख ही नहीं अर्जुन भाटी इससे पहले भी अपनी सेविंग्स के 1 लाख रुपये प्रधानमंत्री केयर फ़ंड में दान दे चुके हैं. अर्जुन ने ये पैसे अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान की जाने वाली शॉपिंग के लिए बचाए थे.

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कौन हैं अर्जुन भाटी?

15 वर्षीय अर्जुन नोएडा (यूपी) के रहने वाले हैं. अर्जुन ने इससे पहले साल 2016 में अंडर-12 और 2018 में अंडर-14 'किड्स गोल्फ़ वर्ल्ड चैंपियनशिप' भी जीती थीं. इसके बाद साल 2019 में कैलिफ़ॉर्निया में 'जूनियर वर्ल्ड गोल्फ़ चैंपियनशिप' जीती थी. अर्जुन अब तक 150 गोल्फ़ टूर्नामेंट में खेल चुके हैं.

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मीडिया से बातचीत में अर्जुन ने कहा, आज हमारा देश बहुत बड़ी परेशानी के दौर से गुज़र रहा है. ऐसे में ये हर देशवासी का कर्तव्य है कि वो देश के लिए कुछ करे. मैंने अपना कर्तव्य़ समझा और अपनी ट्रॉफ़ी और मेडल को बेचकर उनसे मिले पैसे देश के लिए कंट्रीब्यूट कर दिए. मैंने ये सभी ट्रॉफ़ी और मेडल अपने देश के लिए ही जीती थीं, देश के लिए सबकुछ क़ुर्बान है.

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हालांकि, अर्जुन ने अपनी सभी ट्रॉफ़ी और मेडल अपने दोस्तों और परिवार वालों को ही बेची हैं. लेकिन, एक खिलाड़ी के लिए खेल में जीती हुई ट्रॉफ़ी और मेडल किसी को दे देना भी अपने आप में बड़ी बात है.

सोशल मीडिया पर अर्जुन के इस साहसिक कदम की ख़ूब सराहना हो रही है.