भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच शुक्रवार को पहला टी20 मुकाबला खेला गया. भारत ने मैच जीत लिया. ये सीधी-सादी बात खेल और उसके नतीजे की है. हालांकि, चर्चा में न तो इस वक़्त खेल है और न ही उसका नतीजा. हर तरफ़ चर्चा तो बस रवींद्र जडेजा के कनेक्शन और उनके रिप्लेसमेंट युजवेंद्र चहल को लेकर है.

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कन्कशन सब्स्टिट्यूट नियम किस तरह से बड़ा अंतर पैदा कर सकता है, ये कल के मैच में साबित हो गया. दरअसल, ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बॉलिंग का फ़ैसला किया. बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया का मिडिल ऑर्डर के लचर प्रदर्शन ने मुश्किलें खड़ी कर दीं. लेकिन रवींद्र जडेजा की नाबाद 44 रनों की पारी ने 20 ओवर में भारतीय टीम को 20 ओवर में 161 रनों के स्कोर पर पहुंचा दिया.

हालांकि, इस बीच खेल में एक खेल हो गया. पहले 19वें ओवर में जडेजा को हैमस्ट्रिंग यानी पैर के पिछले हिस्से की नस में खिंचाव की शिकायत हुई. फिर आखिरी ओवर में मिचेल स्टार्क की गेंद उनके हेलमेट पर लगी. लेकिन जडेजा ने न तो हेलमेट बदला और न ही फ़िज़ियो उनके पास आए. वे खेलते रहे.

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टीम इंडिया की जीत का ‘कन्कशन’ कनेक्शन

ऑस्ट्रेलिया की बैटिंग के वक़्त जडेजा फ़ील्डिंग करने नहीं पहुंचे. पता चला कि जडेजा को हेलमेट पर गेंद लगने के बाद चक्कर महसूस हुए. इस वजह से वे मैच में आगे नहीं खेलेंगे. उनकी जगह युजवेंद्र चहल टीम इंडिया का हिस्सा होंगे. मैच रेफरी डेविड बून ने भी चहल को खेलने की इजाज़त दे दी.

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इस बात का पता चलते ही ऑस्ट्रेलियाई टीम के कोच जस्टिन लैंगर और कप्तान एरोन फ़िंच नाराज़ हो गए. मैच रेफ़री के फ़ैसले से वो सहमत नहीं दिखे और उन्होंने रेफ़री से बात भी की. हालांकि, फ़ैसला नहीं बदला गया.

इसके बाद जो हुआ, वो शायद ही किसी ने सोचा हो. 'कन्कशन' नियम से सब्स्टीट्यूट के रूप में आए लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ऑस्ट्रेलियाई टीम पर भारी पड़ गए. चहल ने ओपनिंग साझेदारी तोड़ते हुए महज़ 25 रन देकर तीन विकेट चटकाए. चहल का साथ देते हुए टी20 करियर शुरू करने वाले टी. नटराजन ने भी सिर्फ़ 30 रन देकर तीन विकेट झटक लिए. 

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मैच में आख़िर का परिणाम ये रहा कि 162 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरा ऑस्ट्रेलिया 20 ओवर में 150 रन ही बना सका. टीम इंडिया ने 11 रनों से ये टी-20 का पहला मुकाबला जीत लिया. इसके साथ ही जडेजा चोट के चलते अगले दो मैचों में नहीं खेलेंगे.

आख़िर क्या है ये कन्कशन सब्स्टीट्यूट नियम?

पहले तो ये जान लीजिए कि कन्कशन क्या होता है. इसका सीधा सा मतलब है मस्तिष्क पर चोट लगना. ये सिर, चेहरे और गर्दन पर लगने वाली सीधी चोट भी हो सकती है या फिर शरीर के किसी भी हिस्से पर, जिसका असर दिमाग़ पर पड़े. इसमें एक खिलाड़ी को चक्कर आता है, सिर दर्द हो सकता है या फिर याददाश्त भी जा सकती है. 

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ऐसे में ICC ने पिछले साल कन्कशन सब्स्टीट्यूट नियम को मान्यता दी. इसके अनुसार किसी खिलाड़ी के सिर या गर्दन में चोट लगने पर उसके स्थान पर दूसरे खिलाड़ी को मौक़ा दिया जा सकता है. कन्कशन सब्स्टिट्यूट पर निर्णय टीम मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव(डॉक्टर) लेगा. और अंतिम मुहर मैच रैफ़री लगाएगा.

हालांकि, यहां ये बात ध्यान रखनी ज़रूरी है कि बल्लेबाज़ के बदले बल्लेबाज़ ही मिलेगा. और गेंदबाज़ के बदले गेंदबाज़.