एक ही मैच में भारत के 6 खिलाड़ियों को अलग-अलग चार्ज के लिए बैन कर दिया गया. सचिन तेंदुलकर के ऊपर बॉल टैंपरिंग का आरोप लगा. विरेंद्र सहवाग के ऊपर अक्रामक तरीके से अपील का आरोप था. हरभजन सिंह, दीप दास गुप्ता और शिव सुंदर दास के ऊपर बहुत ज़्यादा अपील करने के आरोप था. ये सब कुछ हुआ 2001 में खेला गया भारत-साउथ अफ़्रीका टेस्ट मैच सीरिज़ के दूसरे मैच के दौरान.

सचिन की बॉल टेंपरिंग

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क्रिकेट नियम के अनुसार, मैच के दौरान खिलाड़ी गेंद की सीम को साफ़ कर सकता है लेकिन वो अंपायर की मौजूदगी में ही ऐसा कर सकता है. मैच के तीसरे दिन सचिन कैमरे में बॉल की सीम को साफ़ करते दिखे और उन्होंने फ़ील्ड अंपायर से संपर्क नहीं किया था.

उस मैच के रेफ़री थे Mike Denness, उन्होंने कैमरा फ़ुटेज के आधार पर सचिन के ऊपर एक मैच का बैन लगा दिया. सचिन ने माना कि उन्होंने नियम का उल्लंघन किया है लेकिन उसे बॉल टेंपरिंग नहीं माना जाना चाहिए. वो इम मसले को BCCI के सामने उठाएंगे.

अपील पर बैन

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युवा विरेंद्र सहवाग, शिव सुंदर दास, दीप दास गुप्ता और हरभजन सिंह फ़ील्ड पर आक्रमक तेवर में थे. अपील करने में कुछ ज़्यादा ज़ोर लगा दे रहे थे. मैच रेफ़री को ये बात भी खल गई और उन्होंने इन सभी प्लेयर को 1 मैच के लिए बैन कर दिया और मैच फ़ीस की 75% काट दी गई. हालांकि साउथ अफ़्रीका के खिलाड़ी भी वैसे ही अपील कर रहे थे जैसे भारतीयों ने किया था.

कप्तान का बैन

सौरव गांगुली को आरोप लगा कि वो अपनी टीम को संभाल नहीं सके इसलिए उन्हें भी एक मैच का बैन और मैच फ़ीस का 75% नुकसान झेलना पड़ेगा.

विवाद

एक ही मैच में भारत के 6 खिलाड़ी बैन होने के बाद विवाद शुरू हो गया. भारतीय संसद भवन में बात उठ गई. मैच रेफ़री पर नस्लभेदी होने का आरोप लगा. BCCI ने मांग की कि वो तीसरे मैच से Mike Denness को हटाए और भारतीय खिलाड़ियों पर लगा बैन भी निरस्त किए जांए.

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ICC ने BCCI की मांग ठुकरा दी, इसपर BCCI ने तीसरा मैच खेलने से मना कर दिया. ICC-BCCI की लड़ाई में साउथ अफ़्रीका की बोर्ड को नुकसान होता दिख रहा था. वो BCCI के साथ खड़ी हो गई और हर कीमत पर तीसरा मैच खेलने को तैयार थी.

दोनों देशों के बोर्ड ने मिलकर तीसरे मैच का रैफ़री किसी और को बना दिया और वो मैच खेलने के तैयार थे. ICC ने इसे अपने नियमों का उल्लंघन माना और तीसरे टेस्ट मैच को आधिकारिक मैच मानने से इंकार कर दिया. खिलाड़ियों के बैन को लेकर भी ICC थोड़ा नर्म हुआ और सहवाग को छोड़ कर सभी खिलाड़ियों पर से एक मैच के बान हटा लिया गया.

ये विवाद अगले सीरीज़ तक खिंचा, क्योंकि सहवाग पर लगा एक मैच का बना इंग्लैंड के साथ होने वाले अगले सीरीज़ तक गया. BCCI का कहना था कि उसे साउथ अफ़्रीका के साथ हुए तीसरे मैच के साथ ही ख़त्म हो जाना चाहिए, सहवाग उस मैच में नहीं खेले थे लेकिन ICC का कहना था कि दोनों देशों के बीच खेला गया आखिरी मैच, टेस्ट मैच नहीं था. विरेंद्र सहवाग को इंग्लैंड के खिलाफ़ भी एक मैच का बैन झेलना पड़ा.