चीन के Putian में चल रहे 'ISSF World Cup' में भारतीय युवा निशानेबाज़ों ने इतिहास रच दिया है. शूटर मनु भाकर, दिव्यांस और एलावेनिल तीनों ने अपने-अपने वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रौशन किया है.

मनु भाकर ने 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट के फ़ाइनल में रिकॉर्ड 244.7 स्कोर के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया. वहीं एलावेनिल ने 10 मीटर एयर राइफ़ल इवेंट के फ़ाइनल में 250.8 स्कोर के साथ गोल्ड पर निशाना साधा. जबकि पुरुष वर्ग में दिव्यांस सिंह पंवार ने 10 मीटर एयर राइफ़ल में 250.1 स्कोर के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया.

चीन को पछाड़ते हुए इन युवा खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत शूटिंग वर्ल्ड कप की पदक तालिका में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है. भारत के गोल्ड मेडल जीतने वाले दिव्यांस और मनु भाकर दोनों 17 साल के हैं, जबकि एलावेनिल 20 साल की हैं.

इस बड़ी उपलब्धि के बाद मनु भाकर के पिता राम किशन भाकर ने बताया कि, पिछले कुछ समय से मनु पैर की चोट से जूझ रहीं हैं. इसके बावजूद उन्होंने शूटिंग की ट्रेनिंग में कोई कसर नहीं छोड़ी. आज उनकी वो मेहनत रंग लाई है.

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वहीं दिव्यांस के पिता अशोक पंवार ने बताया कि वो पहले PUBG खेलने में बिज़ी रहता था. इस गेम की लत छुड़वाने के लिए ही उन्होंने दिव्यांस को शूटिंग सिखाई थी. पहली बार उनका सटीक निशाना देखकर में हैरान रह गया था. अब दिव्यांस महाभारत के अर्जुन की तरह ही शूटिंग का अर्जुन बनना चाहते है.

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एलावेनिल अपने पिता की तरह ही वैज्ञानिक बनना चाहती थीं. लेकिन लोगों को शूटिंग करते देखकर उन्हें भी निशानेबाज़ी करने का मन किया तो उन्होंने अहमदाबाद की Narang’s Gun for Glory एकेडमी से शूटिंग की ट्रेनिंग लेने का फ़ैसला किया.

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एलावेनिल की मां सरोजा का कहना है कि जब वो मेडल जीतती हैं तो हम उसे गोल्ड की इयरिंग दिलाते हैं. गोल्ड मेडल जीतने के बाद मैंने एलावेनिल के पिता को फ़ोन करके एक नई जोड़ी झुमके ख़रीदने के लिए कहा था.

इस बड़ी उपलब्धि के बाद भारत की तरफ़ से शूटिंग में 'टोक्यो ओलंपिक' के लिए खिलाड़ियों के बीच तगड़ा कॉम्पिटिशन देखने को मिलेगा. क्योंकि इस बार ओलंपिक कोटा के लिए भारत ने सिर्फ़ 15 टिकट ही हासिल किए हैं, लेकिन भारत के पास इस समय एक से बढ़कर एक शूटर्स उपलब्ध हैं.

साल के अंत में स्पोर्ट्स की फ़ील्ड से आई इस खुशख़बरी ने हमें जश्न मनाने का एक और मौका दिया है. उम्मीद है हमारे खिलाड़ी आगे भी ऐसे मौके देते रहेंगे.

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