साल 2015 के क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारतीय टीम सेमीफ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों 95 रनों से हारकर बाहर हो गई थी. इस हार को आज भी जब-जब भारतीय क्रिकेट फ़ैंस याद करते हैं तो उनका दिल टूट जाता है. उस वर्ल्ड कप को लेकर भारतीय तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी ने एक नया ख़ुलासा किया है.

मोहम्मद शमी ने पूर्व तेज़ गेंदबाज़ इरफ़ान पठान के साथ इंस्टाग्राम लाइव के दौरान बताया कि उन्होंने वो टूर्नामेंट टूटे हुए घुटने के साथ खेला था. उन्होंने बताया कि पहले ही मैच में उनके घुटने में फ़्रैक्चर हो गया था.उन्होंने कहा- '2015 वर्ल्ड कप के दौरान मेरे घुटने में चोट थी. मैं मैचों के बाद चल भी नहीं पाता था. मैंने पूरा टूर्नामेंट चोट के साथ ही खेला. मैं 2015 का वर्ल्ड कप नितिन पटेल (फ़िजियोथेरेपिस्ट) के भरोसे खेल पाया.'

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मोहम्मद शमी ने ये भी बताया कि डॉक्टर्स रोज़ाना उनके घुटने से पानी निकालते थे और वो 3-3 पेन किलर लेकर मैच खेला करते थे. सेमीफ़ाइनल मैच में तो उन्होंने खेलने से मना कर दिया था. मगर महेंद्र सिंह धोनी के प्रेरित करने के बाद मोहम्मद शमी ने मैच खेला था. इस मैच में मोहम्मद शमी ने पहले ही ओवर में 13 रन दे दिये थे. तब शमी कहने लगे कि वो और ओवर नहीं डालेंगे.

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कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी ने उनका हौसला बढ़ाया और कहा कि-'तुम बस 10 ओवर में 60 से अधिक रन मत देना और ओवर डालते रहो. क्योंकि सेमीफ़ाइनल मैच में मैं पार्ट टाइम गेंदबाज़ों पर भरोसा नहीं कर सकता.' तब जाकर उन्होंने दर्द को सहते हुए मैच खेला था.

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हालांकि, ये मैच भारतीय टीम 95 रनों से हार गई थी. मोहम्मद शमी इस वर्ल्ड कप में 17 विकटों के साथ सबसे अधिक विकट लेने वाले गेंदबाज़ों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर थे. मोहम्मद शमी ने ये भी कहा कि तब कुछ लोगों ने कहा था कि उनका करियर समाप्त हो गया है. मगर वो आज भी खेल रहे हैं.

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