Parul Chaudhary Wins Gold Medal In Asian Games : चीन के हांगझोऊ (Hangzhou) में चल रहे 19वें एशियन गेम्स (19th Asian Games) में पारुल चौधरी (Parul Chaudhary) गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतकर भारत में एक घरेलू नाम बन गई हैं. पारुल ने इस खेल में तूफ़ान मचा दिया और अपनी उम्दा परफॉरमेंस से बड़े मंच पर भारत को गौरवान्वित किया. 28 साल की इस टैलेंटेड लड़की ने 5,000 मीटर दौड़ में शानदार प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक अपने नाम कर दिया. परिस्थितियां उनके खिलाफ थीं क्योंकि अंतिम सेकंड में वो दूसरे स्थान पर थी, लेकिन वो 20-25 मीटर शेष रहते हुए अपनी स्पीड में तेजी लाने में सफल रही और 15:14.75 के समय के साथ जापान (Japan) की रिरिका हिरोनका (Ririka Hironaka) को पछाड़कर टॉप पर पहुंच गईं.

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पारुल की जीत के आख़िरी 10 सेकेंड का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है. आइए आपको उनके बारे में बताते हैं.

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सोशल मीडिया पर पारुल का वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर पारुल चौधरी (Parul Chaudhary) की जीत के आख़िरी 10 सेकेंड का वीडियो तेज़ी से वायरल है. ये वीडियो आखिरी 30 मीटर में कैसे अपना सब कुछ झोंक देने का है. इन आख़िरी 10 सेकेंड में पारुल ऐसे दौड़ीं मानों बिजली की रफ़्तार को भी चीर दिया हो. पारुल के आगे जापान की रिरीका हिरोनका भाग रही थीं. लेकिन 30 मीटर की दूरी से पारुल ने चेतक वाली रफ्तार पकड़ी. उन्होंने 20 मीटर में जापानी धावक को पीछे छोड़ा और फिर जीतकर ही दम लिया. फ़िनिश लाइन पार करते ही पारुल ने दोनों हाथ में हवा में उठाते हुए जंग जीतने का एलान किया. जिसके बाद स्टेडियम वहां बैठे दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट से झूम उठा.

किसान की बेटी हैं पारुल

पारुल का जन्म 15 अप्रैल 1995 को हुआ था. 28 साल की पारुल चौधरी उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) से हैं और उनके पिता कृष्णपाल मेरठ के पास दौराला क्षेत्र के इकलौते गांव में किसान हैं. वहीं, उनकी मां राजेश देवी एक होममेकर हैं. उनके चार भाई-बहन हैं और वो अपने भाई बहनों में तीसरे नंबर पर हैं. पारुल के अलावा उनकी बड़ी बहन की भी खेलों में दिलचस्पी रही है. उनकी बड़ी बहन स्पोर्ट्स कोर्ट से सरकारी नौकरी हासिल कर चुकी हैं. पारुल हमेशा से ही ट्रैक पर फ़ाइटर रही हैं. साल 2011 में उन्होंने अपने स्कूल में 800 मीटर रेस में हिस्सा लिया था और इस दौरान वो नंगे पैर भागी थीं. इसके बाद उन्होंने 1500 मीटर में और फिर बाद में 3000 मीटर और 5000 मीटर में स्विच करने का फ़ैसला किया. उन्होंने 5000 मीटर और 3000 मीटर स्टीपलचेज़ पर ध्यान केंद्रित किया और अब दोनों श्रेणियों में अपना बड़ा नाम कमाया है.

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स्टीपलचेज़ के फ़ाइनल में रहा था शानदार प्रदर्शन

2023 अब तक पारुल के लिए गोल्डन ईयर रहा है, क्योंकि उन्होंने महिलाओं के 3000 मीटर स्टीपलचेज़ में सिल्वर मेडल जीता था. उन्होंने हाल ही में बुडापेस्ट में खेले गए वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के 3000 मीटर स्टीपलचेज के फ़ाइनल में भी दमदार प्रदर्शन किया था. इसके अलावा बैंकॉक में हुए एशियन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप (Asian Athletics Championship) में भी उन्होंने येलो मेटल जीता था.

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