Pravin Tambe Real Story : इंडियन सिनेमा में बायोपिक यानी किसी ख़ास व्यक्ति पर आधारित फ़िल्म बनाने का भी चलन रहा है. लेकिन, पिछले कुछ वर्षों से बायोपिक ने तेज़ी पकड़ी है. हालांकि, इसका एक बड़ा फ़ायदा ये है कि बायोपिक ने कई गुमनाम सितारों को वर्तमान पीढ़ी से रू-ब-रू कराने का काम किया है. बायोपिक के ज़रिए कई राजनेताओं से लेकर ख़िलाड़ियों की निजी ज़िंदगी व उनके संघर्ष भरे जीवन के बारे आम लोगों को पता चला. 

एक ऐसी ही बायोपिक "कौन प्रवीण तांबे?" आज यानी 1 अप्रैल 2022 को ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म Disney+ Hotstar पर रिलीज हुई है, जो एक भारतीय क्रिकेटर ‘प्रवीण तांबे’ की ज़िंदगी पर आधारित है. जो लोग क्रिकेट की दुनिया से दूर रहते हैं, उनके लिए ये नाम शायद नया हो सकता है और ये सवाल दिमाग़ में आ सकता है कि और भी कई फ़ेमस भारतीय क्रिकेटर हैं, जिनपर बायोपिक बनाई जा सकती थी, इसमें ऐसा क्या ख़ास है? 
यही वजह है कि इस ख़ास लेख में हम प्रवीण तांबे की असल ज़िंदगी के बारे में आपको बताने जा रहे हैं कि आख़िर क्या अलग है उनकी ज़िंदगी में, जिसे बायोपिक के ज़रिए दिखाने की कोशिश की गई है.  

तो, चलिए जानते हैं प्रवीण तांबे (Pravin Tambe Real Story) के बारे में. 

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बनना चाहते थे तेज़ गेंदबाज़  

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Pravin Tambe Real Story : प्रवीण तांबे का पूरा नाम प्रवीण विजय तांबे हैं, जो एक भारतीय क्रिकेटर हैं. प्रवीण लेग स्पिन के साथ-साथ बल्लेबाजी भी करते हैं. प्रवीण का जन्म 8 अक्टूबर 1971 को मुंबई, महाराष्ट्र में हुआ था. स्पोर्ट्स कीड़ा नामक वेबसाइट के अनुसार, छोटी उम्र से ही प्रवीण के अंदर क्रिकेट के लिए दिलचस्पी बढ़ गई थी. वो एक तेज़ गेंदबाज़ बनना चाहते थे. लेकिन, उनके ओरिएंट शिपिंग कप्तान अजय कदम ने उन्हें लेग स्पिन करने के लिए इंस्पायर किया. चूंकी, वो एक मध्यवर्गीय परिवार से संबंध रखते हैं, तो उन्हें खेलने के साथ-साथ दिन में काम भी करना पड़ता था. उन्होंने पहचान बनाने के लिए मुंबई क्लब क्रिकेट में कड़ी मेहनत की, लेकिन कई सालों तक ऐसा करने में असफल रहे.  

41 की उम्र में किया प्रोफ़ेशनल क्रिकेट में डेब्यू  

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Pravin Tambe Real Story : प्रवीण की ज़िंदगी की सबसे ख़ास बात ये है कि उन्होंने ज़िंदगी में कभी हार नहीं मानी. बचपन से ही उन्हें क्रिकेट खेलने का शौक़ था, लेकिन वो कई सालों तक सिर्फ़ मुंबई के मैदानों तक ही सीमित रहे. किसी बड़े संगठन ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए उनका साथ नहीं दिया. जिस उम्र में बाकी क्रिकेटर अपने रिटायरमेंट के बारे में सोचने लग जाते हैं, प्रवीण ने उस उम्र यानी 41 में अपना प्रोफ़ेशनल क्रिकेट करीयर शुरू किया. प्रोफ़ेशनल क्रिकेट करीयर शुरू करने से पहले उन्होंने कई वर्षों तक एक Liaison Officer (संगठनों के बीच संपर्क स्थापित करने वाला) की तरह काम किया, जब भी DY Patil Stadium (Navi Mumbai) में मैच होता था.

राजस्थान रॉयल्स ने दिया मौक़ा  

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41 की उम्र में आईपीएल टीम राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 2013 में प्रोफ़ेशनल क्रिकेट खेलने का मौक़ा दिया. लंबे समय तक जिस पल का उन्हें इंतज़ार था, वो इस दौरान पूरा हुआ. उनकी ख़ुशी का कोई अंदाज़ा नहीं लगा सकता था. आईपीएल में शामिल होते ही, वो आईपीएल के सबसे उम्रदराज़ खिलाड़ी बने.   

आईपीएल में प्रवीण की उपलब्धियां  

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Pravin Tambe Real Story : अपना हुनर दिखाने का बस मौक़ा ही चाहिए था, वो उन्हें आईपीएल के ज़रिए मिल चुका था. आईपीएल में शामिल होते ही प्रवीण ने अपने खेल का शानदार प्रदर्शन दिखाना शुरू कर दिया. Champions League T20 में सर्वाधिक विकेट लेकर 'Golden Wicket Award' अपने नाम किया. 2014 के आईपीएल सीज़न में तांबे ने ‘कोलकाता नाइट राइडर्स’ के खिलाफ़ एक शानदार हैट्रिक ली, जो उस सीज़न की पहली थी. 

आईपीएल 2020 की नीलामी में किसी फ्रैंचाइज़ी द्वारा चुने जाने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बने. KKR ने इस अनुभवी स्पिनर को 20 लाख रुपये में ख़रीदा था. हालांकि, उन्हें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा IPL खेलने से रोक दिया गया था. 
ताम्बे को भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने विदेशों में फ्रैंचाइज़ी आधारित क्रिकेट लीग में भाग लेने के लिए रोका था. बीसीसीआई के नियमों के अनुसार, केवल रिटायर्ड खिलाड़ी ही विदेशी लीग में भाग ले सकते हैं और बोर्ड के अनुसार तांबे ने इस नीति का उल्लंघन किया था. 

33 आईपीएल खेल चुके हैं 

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स्पोर्ट्स कीड़ा के अनुसार, प्रवीण अब तक 33 आईपीएल मैच खेल चुके हैं. वहीं, अपने आईपीएल करीयर में वो राजस्थान रॉयल्स, सनराइज़ हैदराबाद और गुजरात लॉयन्स का हिस्सा रह चुके हैं. वहीं, कुल मैचों में उन्होंने 28 विकेट और सबसे शानदार प्रदर्शन 4/20 का रहा. वहीं, उनकी सबसे बड़ी आईपीएल डील 2016 में गुजरात लायंस द्वारा दी गई ₹20 लाख की थी. 

राहुल द्रविड़ ने दिया था मौक़ा और की थी तारीफ़ 

Pravin Tambe Real Story : एक कॉन्फ्रेंस में गेस्ट के रूप में आए क्रिकेटर राहुल द्रविड़ ने प्रवीण तांबे की काफ़ी तारीफ़ की. उन्होंने कहा, कि “मैं जब भी किसी मंच पर जात हूं, तो लोग उम्मीद करते हैं मैं बड़े क्रिकेटर्स जैसे सचीन, सौरभ आदि के बारे में बात करूं. वो सभी ग्रेट प्लेयर रहे हैं, लेकिन मैं जिसकी स्टोरी आपको बताने जा रहा हूं, उसे बीते कुछ वर्षों में ही लोगों के सामने आने का मौक़ा मिला. मैं बात कर रहा हूं, प्रवीण तांबे की, जो कि लेग स्पिनर हैं. उन्होंने क़रीब 20 वर्षों तक मुंबई के मैदानों में क्रिकेट खेला, लेकिन मुंबई का प्रतिनिधित्व करने का मौक़ा नहीं मिला, न ही  किसी फ़र्स्ट क्लास लेवल और न ही कोई जूनियर लेवल. लेकिन, वो हारा नहीं, खेलता रहा, बॉलिंग करता रहा, जो अपने आप में काफ़ी मुश्किल है. 

राहुल ने बताया कि, "हमें कुछ सालों पहले राजस्थान रॉयल के लिये एक स्पिनर की ज़रूरत थी. इसके लिए प्रविण आया. मैंने एक यंग लड़के से ये कहते सुना कि ये अंकल कौन हैं. प्रवीण उस वक़्त 41 साल का था. मैंने उसे मौक़ा दिया और अगले दिन मुझे सीईओ का कॉल आया कि तुम ये क्या कर रहे हो, तुमने 41 साल के आदमी को टीम में रख लिया, क्या तुम क्रेज़ी हो गए हो. मैंने कहा कि मैंने और अन्य कोच ने इसमें कुछ ख़ास देखा है और मुझे इस पर भरोसा है”. 
राहुल आगे कहते हैं, “जब प्रवीण ने पहली बार मैन ऑफ़ द मैच जीता , तो ड्रेसिंग रूम में आकर रो रहा था”. राहुल ने कहा यही खेल के लिए पैशन है. राहुल ने और भी कई बाते कहीं, जिसे आप इस वीडियो में सुन सकते हैं.