अपने ही देश में पूर्वोत्तर भारत के लोगों को अक्सर अपने रंग-रूप को लेकर बीमार मानसिकता के लोगों की टिप्पणी का शिकार होना पड़ता है. जो बेहद शर्मनाक बात है. कोरोना संकट के बीच भी नार्थ ईस्ट के लोगों को कई तरह की टिप्पणियों का सामना करना पड़ रहा है. 

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हाल ही में पंजाब से लेकर दिल्ली और मुंबई से लेकर तमिलनाडु तक कुछ बीमार मानसिकता के लोग पूर्वोत्तर भारत के लोगों को 'कोरोना' कहकर शर्मिंदा कर रहे हैं. तमिलनाडु में तो एक ऐंबुलेंस ड्राइवर ने मणिपुर की दो महिलाओं पर कोरोना फैलाने का आरोप लगा दिया. इसके साथ ही उन्हें चीन जाने की धमकी भी दी.   

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भारतीय फ़ुटबॉल टीम के कप्तान सुनील छेत्री को भी कुछ इसी तरह की नस्लभेदी टिप्पणी का शिकार होना पड़ा है. भारतीय क्रिकेट कप्तान विराट कोहली के साथ इंस्टाग्राम लाइव चैट के दौरान छेत्री को इस तरह की 'नस्लवादी' टिप्पणी का सामना करना पड़ा. 

दरअसल, रविवार को क़रीब 90 मिनट लंबी लाइव चैट के दौरान ये दोनों ही खिलाड़ी एक दूसरे के साथ दिल्ली में बिताए अपनी ज़िंदगी की कई अहम यादें शेयर कर रहे थे. इस दौरान इन दोनों ही दिग्गज खिलाड़ियों के फ़ैन उन्हें मैसेज कर रहे थे. 

इस दौरान जब सुनील छेत्री किंग कोहली के साथ बातें शेयर कर रहे थे, तभी कमेंट बॉक्स में यश शर्मा नाम के एक यूज़र ने लिखा, 'ये नेपाली कौन है?' इस शख़्स का इशारा छेत्री की तरफ़ था, जो भारत के मणिपुर राज्य से ताल्लुक रखते हैं. 

सुनील छेत्री पर की गई 'नस्लभेदी' टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर फ़ैंस ने इसकी जमकर आलोचना की. 

इस दौरान अभिनव नाम के एक यूजर ने लिखा- 

भारत सबसे नस्लवादी देशों में से एक है. 

भारतीय फ़ुटबॉल टीम के कप्तान को 'नेपाली' कहा जा रहा है, जिससे नॉर्थ ईस्ट के लोगों की स्थिति की कल्पना की जी सकती है. छेत्री को ना जानने वाले लोग फिर भी ठीक हैं, लेकिन समाज में उनके प्रति चिंकी, नेपाली जैसे शब्द इस्तेमाल किए जाते हैं. 
ये शर्मनाक है! 

जानकारी दे दें कि सुनील छेत्री ने पिछले एक दशक में भारतीय फ़ुटबॉल को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का काम किया है. भारत के लिए छेत्री के नाम सबसे अधिक 72 गोल करने का रिकॉर्ड है. इंटरनेशनल मैचों में सुनील छेत्री सबसे अधिक गोल दागने के मामले में रोनाल्डो (99) के बाद दुनिया के दूसरे नंबर के फ़ुटबॉलर हैं. मेसी 70 गोल के साथ तीसरे नंबर पर हैं.